सिटी ब्यूटीफुल में डेंगू का एक संदिग्ध केस सामने आया है। प्राइवेट लैब की जांच में डेंगू कंफर्म हो गया है। डायरिया की शिकायत पर मरीज को सेक्टर-22 के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सूचना मिलने पर चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग की टीम ने जांच शुरू कर दी है। साथ मरीज के सैंपल जांच के लिए पीजीआई भेज दिया है, ताकि डेंगू की सत्यता का पता चल सके। महिला के प्लेटलेट्स करीब डेढ़ लाख बताए जा रहे हैं।
मरीज की रिपोर्ट अगले 48 घंटे में आ जाएगी। एहतियात के तौर पर मलेरिया विंग की टीम ने मरीज और आसपास के घर की जांच की, लेकिन कहीं भी लार्वा नहीं मिला। डेंगू के लिए अनुकूल स्थिति भी नहीं है। ऐसे में सैंपल की अधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
बताया जा रहा है कि सेक्टर-22 की एक महिला को डायरिया की शिकायत के बाद सेक्टर-22 के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके सैंपल जांच के लिए एक प्राइवेट लैब में भेजे गए। लैब सेक्टर-22 में ही स्थित है। जब रिपोर्ट आई तो उसमें डेंगू कंफर्म निकला। इसकी जानकारी चंडीगढ़ के स्वास्थ्य विभाग को दी गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की और उसके सैंपल पीजीआई भेज दिए। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्राइवेट लैब ने आईजीएम से डेंगू की पुष्टि की है।
आईजीएम एलाइजा बेस्ड था या नहीं। इसकी जांच की जा रही है। लैब संचालक को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी रिकार्ड जल्द स्वास्थ्य विभाग के पास जमा कराए। अधिकारियों का कहना है कि आईजीएम की रिपोर्ट संदिग्ध होती है। डेंगू की प्रमाणिक पुष्टि के लिए एलाइजा बेस्ड टेस्ट जरूरी होता है। यदि डेंगू की पुष्टि नहीं हुई तो लैब संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि पिछले साल ही नोटिफिकेशन जारी की गई थी कि एलाइजा बेस्ड ही टेस्ट प्रमाणिक माने जाएंगे।
नहीं मिले डेंगू के लार्वा
मलेरिया विंग ने कई जगह जांच की, लेकिन कहीं भी डेंगू के लार्वा नहीं मिले। मरीज के घर और उसके आसपास के इलाकों में भी छानबीन की गई। इस समय सिर्फ क्यूलेक्स के लार्वा मिल रहे हैं। डेंगू के लिए मौसम भी अनुकूल नहीं है। ऐसे में डेंगू का होना थोड़ा संदिग्ध है। फिर भी जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति का पता चल पाएगा।