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Chandigarh News: भरोसा कायम...14 दिनों में ईवी से 12 गुना ज्यादा बिके पेट्रोल दोपहिया वाहन

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चंडीगढ़। शहर में पेट्रोल-डीजल वाहन अभी भी लोगों की पहली पसंद है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अंतर्गत तय किए गए कैपिंग के हटने के बाद पेट्रोल बाइकें 12 गुना ज्यादा बिकी हैं। कारों के मामले में यह संख्या 18 गुना ज्यादा है। सेक्टर-17 स्थित आरएलए के आंकड़े बताते हैं कि लोग अभी भी ईवी को लेकर आश्वस्त नहीं है और उनके मन में कई शंकाएं हैं।
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रोक हटने के बाद पिछले 14 दिनों में 745 पेट्रोल दोपहिया वाहन और 60 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन ही आरएलए में पंजीकृत हुए हैं। इस अवधि के दौरान चारपहिया पेट्रोल-डीजल वाहनों का पंजीकरण भी अधिक हुआ है। चारपहिया पेट्रोल वाहन जहां 459 पंजीकरण हुए, वहीं इलेक्ट्रिक कारें सिर्फ 26 के करीब ही पंजीकरण हुए। यूटी प्रशासन की तरफ से जारी 24 नवंबर से लेकर 7 दिसंबर तक के आंकड़े जारी किए गए हैं, जिसके अनुसार लोग पेट्रोल वाहनों को खरीदने में ही अधिक रुचि दिखा रहे हैं। इलेक्ट्रिक पॉलिसी जारी करने के बावजूद लोगों ने ई-वाहनों लेने में अधिक रुचि नहीं दिखाई है। इससे पहले 23 नवंबर को यूटी प्रशासन ने पेट्रोल व डीजल वाहनों के पंजीकरण पर लगाई गई कैपिंग को पूरी तरह से हटा दिया था। अब शहर में जितने मर्जी पेट्रोल व डीजल दोपहिया और चार पहिया वाहन पंजीकृत हो सकते हैं। प्रशासन प्रदूषण के कारणों का पता लगाने के लिए स्टडी करवा रहा है, जिसके रिजल्ट आधार पर ही पॉलिसी में दोबारा उचित संशोधन किए जाएंगे। अर्ली बर्ड इंसेंटिव व जनरल इंसेंटिव को भी प्रशासन रिव्यू करने की तैयारी कर रहा है और यूटी प्रशासक की मंजूरी के बाद ही इस संबंध में कोई भी फैसला लिया जाएगा। साथ ही ई-वाहन खरीदने और इंसेंटिव प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पेपर वर्क कम किया जा रहा है।

गैर इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगा रखी थी कैपिंग
प्रशासन ने इलेक्ट्रिक नीति के तहत गैर इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण पर कैपिंग लगा रखी थी। यही कारण है कि तय सीमा पूरी होने के बाद तीन बार गैर इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण पर रोक लगा दिया गया था। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्ष सितंबर माह में इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति जारी की गई थी। इससे पहले प्रशासन ने त्योहारी सीजन को देखते हुए 27 नवंबर तक गैर इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण पर चल रही रोक को हटा दिया था और कहा था कि इस अवधि के दौरान शहर में जितने मर्जी पेट्रोल दोपहिया वाहन पंजीकृत हो सकेंगे। इसके अलावा अक्टूबर माह में भी शहर में दोपहिया के पंजीकरण पर रोक लगा दी गई थी, जिसके बाद नीति में संशोधन करना पड़ा था।
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24 नवंबर से 07 दिसंबर के बीच पंजीकरण
दो पहिया पेट्रोल - 745
दो पहिया इलेक्ट्रिक - 60
दो पहिया राजस्व - 49,87,941
चार पहिया (आईसीई) - 459
चार पहिया इलेक्ट्रिक - 26
चार पहिया राजस्व - 4,19,24,764
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