चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सवा साल बाद शहरी क्षेत्रों में स्टिल्ट प्लस-4 भवन बनाने पर लगी रोक को हटा लिया है। सरकार ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के सेक्टरों और नगर एवं आयोजना विभाग की लाइसेंसशुदा काॅलोनियों में स्टिल्ट प्लस-4 भवन निर्माण करने पर सशर्त मंजूरी दी है। मंगलवार को वित्त और नगर एवं आयोजना और शहरी संपदा मंत्री जेपी दलाल ने हरियाणा निवास में प्रेसवार्ता कर रोक हटाने की घोषणा की। पुराने सेक्टरों व काॅलोनियों में पड़ोसी की लिखित सहमति के साथ चार मंजिला निर्माण किया जा सकेगा। हालांकि, शर्त रहेगी कि यह निर्माण 10 मीटर से चौड़ी सड़कों वाले प्लॉटों पर ही हो सकेगा। वहीं, दीनदयाल उपाध्याय योजना की काॅलोनियों और नए सेक्टरों में इसके लिए पड़ोसी की अनुमति की जरूरत नहीं होगी। फरवरी-2023 के बाद बने चार मंजिला भवनों को जुर्माने के साथ मंजूरी दी जाएगी। उधर, सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन खुलकर इस फैसले के विरोध में आ गई हैं।
पड़ोसी के एतराज पर 6 फुट जगह छोड़कर हो सकेगा निर्माण
जेपी दलाल ने स्पष्ट किया है कि अगर पड़ोसी मंजूरी नहीं देता है फिर भी कोई व्यक्ति चार मंजिला निर्माण करना चाहता है तो उसे पड़ोसी के मकान व प्लाॅट की तरफ 6 फुट जगह खाली छोड़नी होगी, ताकि हवा और धूप आती रहे। इतना ही नहीं, ये शर्त भी रहेगी कि सहमति नहीं देने वाला पड़ोसी भी भविष्य में चार मंजिला निर्माण नहीं कर सकेगा। कॉर्नर का प्लॉट होने की स्थिति में भी एक पड़ोसी से सहमति लेनी होगी। पुराने सेक्टरों में नौ मीटर से कम चौड़ाई वाली सड़कों पर चार मंजिला निर्माण नहीं हो सकेगा।
नहीं गिराई जाएंगी चौथी मंजिल
हरियाणा सरकार ने 21 फरवरी, 2023 को शहरी क्षेत्रों में स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिला निर्माण पर रोक लगा दी थी। इसके बाद भी कुछ लोगों व बिल्डरों ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके व्यवसाय प्रमाण पत्र हासिल कर चार मंजिला मकान बना लिये थे। पिछले महीने विभाग ने चौथी मंजिलों को गिराने के आदेश दे दिए थे। हालांकि बाद में सीएम नायब सिंह सैनी के दखल के बाद इन आदेशों को तुरंत रोक दिया गया। अब जेपी दलाल ने कहा है कि चौथी मंजिलों को गिराया नहीं जाएगा। जिन लोगों ने निर्माण किया है, उनसे कुछ फीस ली जाएगी। इसके बाद उन्हें इसकी इजाजत दे दी जाएगी।
सेक्टरों में ढांचागत सुविधांए अपग्रेड किए बिना स्टिल्ट प्लस-4 की अनुमति देना गलत है। मुख्यमंत्री से मांग है कि इस फैसले पर रोक लगाएं। अगर सरकार जल्द निर्णय वापिस नहीं लेती तो राज्य स्तरीय बैठक बुलाकर आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। -कुलदीप वत्स, प्रधान, ऑल सेक्टर रेजिडेनटस वेलफेयर एसोसिएशन
डीलरों के दबाव में सरकार ने यह फैसला लिया है। हम इसका खुलकर विरोध करते हैं। 7 जुलाई को पंचकूला में राज्य स्तरीय बैठक में आंदोलन का एलान किया जाएगा। यह फैसला किसी भी सूरत में सेक्टर वासियों के हक में नहीं है, बल्कि रियल एस्टेट के लोगों को लाभ पहुंचाने की साजिश है। - यशवीर मलिक, प्रदेश संयोजक, हरियाणा राज्य हुडा सेक्टर परिसंघ