-पुराने सेक्टरों और काॅलोनियों में भी बनाई जा सकेगी बेसमेंट
-हरियाणा सरकार ने तय साइज की शर्तों को हटाया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत विकसित हुई काॅलोनियों में भी स्टिल्ट प्लस 4 और बेसमेंट के लिए रास्ते खोल दिए हैं। इन काॅलोनियों में हर साइज के प्लाॅट पर चार मंजिला निर्माण भी हो सकेगा और सभी फ्लोर की अलग-अलग रजिस्ट्री भी हो सकेगी। ऐसी काॅलोनियों में नौ मीटर चौड़ाई की सड़कों पर भी चार मंजिला निर्माण हो सकेगा।
नगर एवं आयोजना विभाग के मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि दीनदायल काॅलोनियों में सरकार ने बेसमेंट के लिए तय प्लाॅट साइज की शर्तों को भी हटा दिया है। दीनदयाल उपाध्याय योजना की काॅलोनियों में 90 से 180 वर्गगज तक साइज के ही प्लॉट होते हैं। इन काॅलोनियों में सभी प्लॉटधारक अगर चाहेंगे तो बेसमेंट का निर्माण कर सकेंगे।
सरकार ने यह भी तय किया है कि पुराने सेक्टरों व काॅलोनियों में 250 वर्गगज या इससे अधिक साइज के प्लाॅट में ही बेसमेंट बनाई जा सकेगी। इससे कम साइज के प्लाॅट में बेसमेंट की मंजूरी नहीं मिलेगी। पुराने सेक्टरों व काॅलोनियों में अब 180 वर्गगज से अधिक साइज के प्लॉट पर ही फ्लोर रजिस्ट्री की सुविधा होगी। इससे कम साइज के प्लॉटों की फ्लोर वाइज रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
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निकाय विभाग भी देगा अनुमति, जारी होगी गाइडलाइन
एचएसवीपी और नगर एवं आयोजना विभाग की लाइसेंसशुदा काॅलोनियों के अलावा शहरी स्थानीय निकायों नगर निगमों, नगर परिषदों व नगर पालिकाओं के अंतर्गत आने वाली काॅलोनियों में भी स्टिल्ट पार्किंग के साथ तीन या चार मंजिला निर्माण हो सकेगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग द्वारा तय की गई शर्तों के हिसाब से ही निकाय विभाग द्वारा भी इसकी परमिशन दी जा सकेगी। हालांकि निकाय विभाग इसके लिए अलग से गाइडलाइन जारी करेगा। जिन पुरानी काॅलोनियों में सीवरेज, पानी व बिजली आदि का प्रबंध चार मंजिला मकानों में रहने वाले 18 लोगों के हिसाब से किया होगा तो ऐसी काॅलोनियों में भी स्टिल्ट प्लस चार मंजिला भवन को मंजूरी होगी।
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पारदर्शिता के लिए पोर्टल पर रहेगी पूरी जानकारी
चार मंजिला भवनों के मामले में पारदर्शिता बरतने के लिए नगर एवं आयोजना विभाग ने एक पोर्टल भी बना लिया है। इस पर इससे संबंधित पूरी जानकारी होगी और कोई भी इसे चेक कर सकेगा। ऐसे मकान बनाने वालों के आवेदन से लेकर अनुमति है या नहीं आदि की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
आवेदन करने वाले निर्माण नहीं चाहते तो ब्याज समेत पैसे ले सकेंगे वापस
यदि प्लाॅट मालिक स्टिल्ट 4 मंजिल नहीं बनाना चाहता तो वह आवेदन की तिथि से 8 प्रतिशत ब्याज सहित रिफंड लेने का पात्र है। इस मामले में रिफंड का आवेदन रिफंड के आदेश जारी होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर किया जा सकता है। वहीं, यदि प्लाॅट 4 या 3 मंजिल निर्माण की अनुमति में नहीं आता है, तो आवंटी रिफंड के अनुरोध की तिथि से 8 प्रतिशत ब्याज सहित नीलामी की पूरी राशि वापस पाने का पात्र होगा। इस मामले में भी रिफंड का आवेदन रिफंड के आदेश जारी होने की तिथि से 60 दिनों के भीतर किया जा सकता है।
आधारभूत ढांचे पर खर्च होगी 1178 करोड़ की राशि
स्टिल्ट 4 के अनुमोदन की एवज में हरियाणा सरकार के पास 1178.95 करोड़ रुपये की राशि एकत्रित हुई है। इनमें नगर एवं ग्राम आयोजना द्वारा 689.8 करोड़ रुपये, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकारण (एचएसवीपी) द्वारा 466.3 करोड़ रुपये, हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम (एचएसवीपी) द्वारा 2.62 करोड़ रुपये, शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा 20.23 करोड़ रुपये की राशि शामिल है। इस राशि का उपयोग सभी सेक्टरों और कॉलोनियों के आधारभूत संरचना में वृद्धि करने के लिए किया जाएगा।