चंडीगढ़। सेक्टर-22 में कहने को तो 36 नेबरहुड पार्क हैं, लेकिन कई की हालत खस्ता होने के कारण लोगों को सैर करने में असुविधा हो रही है। इन सभी पार्कों की देखरेख नगर निगम करता है। कुछ पार्कों में घास बहुत बड़ी हो गई है, जो काफी समय से नहीं काटी गई है।
सेक्टर की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि पार्कों में ढाई साल से लाइट लगाने के लिए खंभे लगाए गए हैं, लेकिन आज तक उनमें लाइट नहीं लगी। बिजवाड़ा मार्केट के पास बने पार्क की आज तक देखभाल ही नहीं की गई। नगर निगम को इसके प्रति कई बार जानकारी दी गई, लेकिन आज तक यह पार्क ऐसी ही स्थिति में है। निवासियों ने कहा कि इस पार्क के चारों तरफ सड़क सड़क है। यदि इसे मेनटेन कर दिया जाए तो यह एक बेहतर पार्क बन सकता है।
56 साल से कपड़े सुखाने के लिए प्रयोग हो रहा पार्क
1964 में बिजवाड़ा मार्केट का निर्माण किया गया था, तब से मेरे घर के सामने यह पार्क है। पिताजी ने इस पार्क को मेनटेन करने के लिए बागवानी विभाग केे सामने मुद्दा उठाया था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। यह बिजवाड़ा मार्केट को कवर करने वाला एक अच्छा टुकड़ा है, लेकिन इस बात का बहुत दुख है कि आज तक इस पार्क का प्रयोग केवल कपड़े सुखाने में किया जा रहा है।
-रमेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष नागरिक कल्याण संघ- 22
सड़ने पर ही उठाया जाता है कूड़ा
यहां पर सरकारी मकानों से सटे हुए 36 पार्क हैं, जिन्हें नगर निगम देखता है। जब भी पार्कों की समस्या पर नगर निगम को सूचित किया जाता है तो समाधान होता है। लेकिन इन पार्कों में रोजाना आधार पर कचरा उठाने वाला कोई नहीं है। कर्मचारियों अपनी जिम्मेदारी समझते हुए नहीं आते। कूड़ेदान में कूड़ा सड़ जाता है।
-विनोद वशिष्ट, प्रधान आरडब्ल्यूए
कई साल पहले बिछाई पानी की लाइनें नहीं की शुरू
पार्कों की देखभाल न करने से न तो इन पार्कों का प्रयोग सुबह सैर करने के लिए हो रहा है और न ही बच्चों के खेलने के लिए। इन पार्कों की स्थिति दयनीय है। पार्कों में कोई सुविधा न होने से कोई भी निवासी यहां जाना पंसद नहीं करता। गंदगी होने के कारण बदबू आती है। कुछ साल पहले बिछाई गई पानी की लाइनों में आज तक पानी चालू नहीं किया गया।
-जगरूप सिंह, सलाहकार सरकारी आवास सोसाइटी
दिवाली तक लग जाएंगी लाइटें
लाइट लगाने का बजट पास हो गया है और दिवाली से पहले सभी लाइटें लगा दी जाएंगी। घास भी समय पर काटी जा रही है, लेकिन बारिश का मौसम होने के कारण घास जल्दी उग जाती है। इस कारण कुछ पार्कों में घास काटनी रह जाती है। फिर भी जिन पार्कों में घास रहती हैं उसे जल्दी काट दिया जाएगा।
-रवि कांत शर्मा एरिया पार्षद