जीरकपुर। बलटाना के भारत एनक्लेव के करीब पांच सौ लोग 18 घंटे बिजली कट से परेशान रहे। बुधवार रात 11 बजे लाइट गुल हो गई। लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को शिकायत दी लेकिन लाइट ठीक नहीं हुई। रातभर लोगों को गर्मी में ही रात काटनी पड़ी। इसके बाद सुबह भी स्थानीय लोगों ने फिर शिकायत दी तो अधिकारी गुमराह करते रहे और शाम पांच बजे तक भी कोई बिजली विभाग का कर्मचारी लाइट ठीक करने के लिए नहीं पहुंचा। इस दौरान जहां लोगों के इन्वर्टर बंद हो गए वहीं लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए दूसरी जगह जाना पड़ा। बिजली नहीं आने से लोगों को पेयजल किल्लत से भी जूझना पड़ा। गर्मी और विभाग की निष्क्रियता से परेशान लोगों ने एक प्राइवेट इलेक्ट्रीशियन से आपूर्ति सुचारु करवाई। लोगों ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।
भारत एनक्लेव निवासी रितू गुलाटी ने बताया कि बिजली विभाग को ऑनलाइन, ऑफलाइन, मेल, फोन हर तरह से लाइट ठीक कराने के लिए शिकायत दी गई। बिजली विभाग का एक भी कर्मचारी देखने तक मौके पर नहीं आया। जब स्थानीय लोगों को लाइट ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं दिखी तो पैसा देकर लाइट ठीक करानी पड़ी। उन्होंने बताया कि करीब पांच सौ लोगों के घरेलू कार्य पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। गंगाराम ने भी बिजली विभाग की इस लापरवाह कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आप सरकार 24 घंटे फ्री बिजली देने का दुनियाभर ढोल पीटती है। ऐसी फ्री बिजली का क्या फायदा कि लोगों को 17 घंटे परेशान होना पड़ रहा है। अधिकारी शिकायतों की सुनवाई नहीं करते हैं। वहीं मौके पर मौजूद अन्य स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी प्रकट की है। इस दौरान रितु गुलाटी ,सरिता, बिमला देवी, संजय कुमार, ऊषा, प्रियंका, गंगाराम, काजल, रिंकी, नीरज गुप्ता, कमर झा, मुकेश कुमार, नेहा, गौरव समेत वंशिता और रविंदर कुमार ने बिजली विभाग अब लोगों के साथ गेम खेलने लगा है। हमने बिजली कटने की ऑनलाइन शिकायत दी थी। इसके थोड़ी देर बाद समस्या रिजोल्व होने का मैसेज आया, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई थी। यहां तक कि मौके पर कोई भी बिजली विभाग का कर्मचारी लाइट ठीक करने के लिए नहीं पहुुंचा था।
भारत एनक्लेव से शिकायत मिली थी। मैंने लाइनमैन को बोल दिया है। इसके बाद लाइट ठीक हुई या नहीं मुझे कोई जानकारी नहीं है। - आशीष यादव, जेईई, बिजली विभाग जीरकपुर।