महेश बहल के दादा लाला हरिराम एक वकील थे। 36 साल की उम्र में वे इस नरसंहार में शहीद हुए थे। महेश बहल ने कहा कि "जलियांवाला बाग के परिसर में स्थित यह कुआं, बेकसूर लोगों की नृशंस हत्या का प्रमाण है। जो बचने के लिए इसमें कूदे थे। इसकी देखभाल की जानी चाहिए ताकि मूल संरचना में बदलाव न हो। "
हालांकि, पंजाब बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक ने कहा कि रेनोवेशन में शामिल टीम को कहा गया था कि कुएं के हेरिटेज हिस्से को क्षति न पहुंचाई जाए। बता दें कि मलिक जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट के ट्रस्टी भी हैं।
मलिक ने कहा, "कुछ साल पहले, ईंट का काम कुएं के आसपास किया गया था। अब यह जीर्ण-क्षीर्ण अवस्था में पड़ा है। इस वजह से कुएं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि किसी को भी पुराने ढांचे के मूल संरचना को बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी और इसके जीर्णोद्धार के दौरान देखभाल की जाएगी।
दूसरी ओर ट्रस्ट के सचिव एस के मुखर्जी ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण चल रहे नवीकरण कार्य का पर्यवेक्षण कर रहा है। नवीनीकरण के काम में लगे लोगों ने दावा किया कि ऐतिहासिक कुआं अपने मूल संरचना में क्षति के बिना एक आधुनिक रूप प्रदान करेगा।