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Chandigarh News: अंग्रेजी के पेपर में कॉम्प्रिहेंशन ने छात्रों को उलझाया

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चंडीगढ़। सीबीएसई कक्षा 12वीं का शुक्रवार को अंग्रेजी का पेपर हुआ। छात्र पेपर देकर स्कूल गेट से बाहर निकलते हुए मुस्कुराते और थोड़ा सकपकाते दिखे। प्रश्नपत्र का आसान रहा पर कई छात्रों को कॉम्प्रिहेंशन और रेफरेंस टू कॉन्टेक्स्ट के प्रश्न उलझन भरे लगे जिन्हें करने में अधिक समय लगा। पेपर लंबा रहा। छात्रों ने पेपर पूरा करने में पूरा समय लिया।
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विषय विशेषज्ञों ने बताया प्रश्न पत्र में सभी सवाल सिलेबस से पूछे गए थे और पेपर पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र की तरह ही बनाया गया था। जीएमएसएसएस-16 के अंग्रेजी पीजीटी नीरज शर्मा ने बताया कि पढ़ाई में औसत रहने वाले छात्रों को मद्देनजर रखते हुए 50 प्रतिशत पेपर बहुत आसान था। कॉम्प्रिहेंशन और रेफरेंस टू कॉन्टेक्स्ट में छात्रों की विश्लेषणात्मक सोच का उपयोग होता है जिन्हें करने में कई बार छात्र उलझ जाते है। कुल मिलाकर सभी छात्रों की पेपर को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया रही है। साहित्य में सीधे और सरल सवाल पूछे गए हैं और अधिकतर प्रश्न पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र में भी हैं।
रेफरेंस टू कॉन्टेक्स्ट के प्रश्न लगे कठिन
मैं पहले जेईई की परीक्षा दे चुका हूं तो अंग्रेजी के पेपर के लिए चिंतित नहीं था। पेपर के सारे सवाल आते थे पर रेफरेंस टू कॉन्टेक्स्ट के बहुविकल्पीय प्रश्न थोड़े मुश्किल लगे। - अभिमन्यु, श्री गुरु हरकृष्ण मॉडल स्कूल-38
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70 से अधिक अंक आने की संभावना
पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को इतना रिवीजन किया था कि परीक्षा में बैठते हुए पेपर देने से घबराहट नहीं हुई। प्रश्नपत्र सैंपल पेपर की तरह ही था। पेपर के सभी प्रश्न हल किए हैं। 80 अंक के पेपर में 70 से अधिक अंक आने की संभावना है। - अंजलि, जवाहर नवोदय विद्यालय-25
कॉम्प्रिहेंशन के प्रश्न उलझन भरे
कॉम्प्रिहेंशन के प्रश्न उलझन भरे थे जिन्हें करने में मुझे अधिक समय लगा। पेपर लंबा था और कॉम्प्रिहेंशन के बहुविकल्पीय सवाल में विलोम और पर्यायवाची शब्द के ऑप्शन बहुत मिलते-जुलते थे जिन्हें करने में थोड़ी उलझन हुई। बाकी व्याकरण और साहित्य के प्रश्न आसान थे। -जसराज, शारदा सर्वहितकारी स्कूल-40

पेपर देख हुई चिंता दूर
10वीं में पेपर नहीं हुए, 11वीं की परीक्षा में आधा सिलेबस आया और अब ऑफलाइन मोड में हो रही बोर्ड परीक्षा के लिए मन में घबराहट थी। लग रहा था सब कैसे होगा पर पेपर देखकर सारी चिंता दूर हो गई। सभी प्रश्न आते थे पर पेपर करने में समय लगा। समय पूरा होने से पांच मिनट पूर्व ही सभी प्रश्न हल किए। - सक्षम, शारदा सर्वहितकारी स्कूल-40
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