सरकार नए साल पर इसका तोहफा दे सकती है। एचआरए रिवाइज होने से हर सरकारी कर्मचारी को कम से कम हर महीने 2500 से 6000 रुपये का वित्तीय लाभ होगा। वरिष्ठ कर्मचारियों के लिहाज से देखा जाए तो जिस कर्मचारी को अभी 3200 रुपये एचआरए हर महीने मिल रहा है, तो उसे 8840 रुपये मिलेंगे।
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार के चार साल पूरे होने पर पंचकूला में गुरुवार को ‘बेमिसाल चार साल, रखा सबका ख्याल’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जहां मीडिया के सामने अब तक का लेखाजोखा रखा, वहीं भविष्य का विजन भी बताया। सीएम मनोहर लाल ने साफ कर दिया है कि दोबारा सत्ता पाने के लिए अंधाधुंध घोषणाओं से परहेज करेंगे। पूर्व सरकारों की तरह बिना बजट के कोई घोषणा नहीं की जाएगी।
सरकार जनता के बीच वही घोषणाएं करेगी, जिनके लिए पर्याप्त बजट होगा और एक साल के भीतर पूरा होने वाली होंगी। सरकार पहली नवंबर से सामाजिक पेंशन को दो हजार रुपये करने जा रही है। पहले इसे जनवरी 2019 से बढ़ाया जाना था।
सीएम ने ये गिनाईं भाजपा सरकार की बड़ी खूबियां
सीएम मनोहर लाल ने चार साल पूरा होने के मौके पर अपनी सरकार की बड़ी खूबियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, भ्रष्टाचार मुक्त शासन, मैरिट पर भर्तियां, ऑनलाइन ट्रांसफर व जातिवाद की जंजीरों को तोड़ना उनकी सरकार की बड़ी उपलब्धि है। सीएम ने कहा कि बहुत सी योजनाओं को आधार से जोड़ना शुरू से उनका लक्ष्य रहा है। मगर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के चलते अनेक योजनाएं सरकार आधार से लिंक नहीं हो पा रही हैं।
सीएम मनोहर लाल ने अगले एक साल के लिए भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करना भी अपने एजेंडे में शामिल किया है। सीएम ने कहा कि एक एजेंसी के सर्वे अनुसार भाजपा सरकार आने से पहले हरियाणा में 51 फीसदी भ्रष्टाचार था। उसी एजेंसी के हाल के सर्वे अनुसार अब यह भ्रष्टाचार कम होकर 18-19 फीसदी रह गया है। आगामी एक साल में भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य स्रोतों पर शिकंजा कसते हुए इसे शून्य पर लाएंगे। हर साल एक-एक गियर बदला है। अब पांचवां साल सरकार का है, इसलिए पांचवां गियर डाल दिया है।
प्रदेश सरकार छह मुख्य बिंदुओं रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान को ध्येय मानकर काम कर रही है। हरियाणा एक-हरियाणवी एक को ध्यान में रखते हुए हर क्षेत्र में विकास किया है। सरकार चार साल में निश्चित दिशा तय कर आगे बढ़ी है। पूर्व सरकारों में इसका अभाव रहा। उन्होंने कभी प्रदेश का भविष्य संवारने के लिए दिशा ही तय नहीं की। -मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा