पंजाब में कोरोना के लगातार बढ़ते मामले और मौतों की संख्या में प्रतिदिन हो रहा इजाफा प्रदेश सरकार के लिए चिंता का कारण बन गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की सलाह के बाद सरकार अब सूबे के कंटेनमेंट जोनों में लॉकडाउन को सख्ती से लागू करने जा रही है। हालांकि इस बाबत अंतिम फैसला अगले हफ्ते तक सूबे में कोरोना की स्थिति की समीक्षा करने के बाद लिया जाएगा।
सूबे में शुक्रवार को कोरोना पीड़ितों की संख्या जहां 6000 का आंकड़ा छूने के करीब पहुंच गया। वहीं कोरोना से मरने वालों की तादाद पंद्रह दिन में भी प्रतिदिन औसतन चार मौतों के साथ डेढ़ सौ का आंकड़ा पार कर चुकी है। सीएम की ओर से शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये की गई हालात की समीक्षा में स्थिति नियंत्रण में होने की बात कही गई है लेकिन टेस्टिंग बढ़ाने के साथ-साथ दिल्ली के रास्ते पंजाब आने वालों पर अंकुश लगाने के बारे में गंभीरता से फैसला लिया गया है।
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विभाग ने प्रदेश से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले- अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, संगरुर, पटियाला, पठानकोट, मोहाली की स्थिति पर विशेष नजर रखनी शुरू कर दी है। सूबे में अनलॉक 2.0 लागू होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग उक्त जिलों में ढील दिए जाने के पक्ष में नहीं है और विभाग की ओर से सख्ती बरतने की सिफारिश की गई है।
ज्यादा प्रभावित सभी इलाकों में 2 से 7 दिन का कड़ा लॉकडाउन लागू किया जाए, जिसमें पूरे इलाकों को सील करते हुए सभी तरह की सार्वजनिक और सामाजिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए, क्योंकि अनलॉक 2.0 तक आते-आते सामाजिक दूरी के प्रति आम लोगों में लापरवाही दिखाई देने लगी है।