चंडीगढ़। चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने डिजिटल और तकनीक आधारित प्रवर्तन व्यवस्था अपनाकर आम लोगों की शिकायतों में बड़ी कमी दर्ज की है। ई-चालान, रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन सिस्टम, स्पीड डिवाइस और एएनपीआर कैमरों के माध्यम से नियम उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है जबकि मैनुअल चालान प्रणाली लगभग बंद कर दी गई है।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, 1 अगस्त से 30 दिसंबर 2025 के बीच पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें पिछले साल की तुलना में 53.12 प्रतिशत कम हुई हैं। डिजिटल चालान व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और नियम उल्लंघन करने वालों को फोटो व वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
साथ ही ट्रैफिक कर्मियों के व्यवहार और संवाद में सुधार लाने के लिए 350 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। लंबित चालानों के भुगतान को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन भुगतान सुविधा बहाल की गई, जिससे करीब 4.25 लाख चालान ऑनलाइन भुगतान के दायरे में आए।
सड़क सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब शुरू किए गए, जिनमें 187 सरकारी और निजी स्कूलों के 3786 छात्र शामिल हैं। इसके अलावा सेवा पखवाड़ा के तहत सितंबर-अक्तूबर में सुरक्षित ड्राइव अभियान चलाया गया। डिजिटल प्रवर्तन और जागरूकता कार्यक्रमों के कारण ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ा और नागरिक संतोष में भी सुधार आया है।