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प्राइवेट स्कूलों की सीबीएसई सचिव से शिकायत

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चंडीगढ़। शहर के प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर चल रही मनमानी पर शिक्षा विभाग की बेरुखी के बाद बुधवार को चंडीगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन (सीपीए) ने सीबीएसई को शिकायत पत्र भेजा है। इसमें प्राइवेट स्कूलों की ओर से चंडीगढ़ प्रशासन के आदेशों और सीबीएसई के निर्देशों के अवमानना की बात कही गई है। उधर, चंडीगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन की ओर से इस मामले में शिक्षा विभाग को कई बार शिकायत की, लेकिन विभाग ने इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया, जिससे पैरेंट्स को राहत मिल सके, जबकि निजी स्कूलों ने एक महीने में तीन बार रिमाइंडर भेजकर पैरेंट्स को 30 अप्रैल तक फीस भरने के लिए कहा है।
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चंडीगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने फीस को लेकर शहर के प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सीबीएसई के सेक्रेटरी अनुराग ठाकुर को पत्र लिखा है। इसमें सीबीएसई की ओर से 17 अप्रैल को राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को फीस से संबंधित सर्कुलर का हवाला दिया है। इसके साथ ही बताया गया है कि सीबीएसई के निर्देशों के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए थे कि लॉकडाउन खत्म होने के एक महीने बाद ही स्कूल परिजनों से फीस मांगेंगे।
नितिन गोयल ने यह भी लिखा है कि प्रशासन स्कूलों से उनकी बैलेंस शीट और खर्चों की सूची मंगवाए। अगर इसके बाद प्रशासन को लगता है कि स्कूल शिक्षकों को तनख्वाह नहीं दे सकता तो परिजनों से कम फीस ली जाए। क्योंकि सभी का काम रुकने के कारण परिजन फीस देने की स्थिदि में नहीं हैं। इसके साथ ही फीस के खर्चे में से स्कूल ट्रस्टी और लाखों में सैलरी लेने वालों को न शामिल करें।
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परिजन स्कूलों की मांग को अनदेखा करें
प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि परिजन स्कूलों की ओर से भेजे जा रहे रिमाइंडर को अनदेखा करें। लॉकडाउन खुलने के एक महीने बाद ही परिजन अपनी आर्थिक हालत को देखते हुए फीस जमा करवाएं।
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