चंडीगढ़। पीजीआई में पत्नी का इलाज कराने आए एक व्यक्ति ने पीजीआई प्रशासन और न्यूरो सर्जरी के एक डॉक्टर पर आयुष्मान के तहत इलाज करवाने वाले मरीजों के साथ धोखाधड़ी और भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए विजिलेंस से मामले की जांच करने की गुहार लगाई है। शिकायत में उन्होंने पीजीआई प्रशासन और न्यूरोसर्जरी के एक डॉक्टर पर आयुष्मान के तहत इलाज करवाने वाले मरीजों के साथ धोखाधड़ी और भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी की 22 दिन तक सर्जरी नहीं की। उन्होंने विजिलेंस से मामले की जांच करने की भी गुहार लगाई है।
विजिलेंस से शिकायत में कल्याण सिंह नामक व्यक्ति ने पत्नी कमलेश (45) को 28 अप्रैल को न्यूरो सर्जरी डिपार्टमेंट में लेकर आए थे। उन्हें सर्जरी के लिए समय दिया गया था, लेकिन अस्पताल में 22 दिन से ज्यादा रहने के बाद भी उनकी पत्नी का ऑपरेशन नहीं किया गया। बिना किसी वैलिड मेडिकल जस्टिफिकेशन के बार-बार सर्जरी को स्थगित किया गया। उन्होंने कहा कि 22 दिन में एक लाख रुपये तो उनके रहने, खाने, रिश्तेदार और घर आने-जाने का खर्च हो गए। घर पर उनकी मां भी बीमारी हैं, उन्हें उनका भी ध्यान रखना है, लेकिन पीजीआई की ओर से 22 दिन तक ऑपरेशन स्थगित किया गया।