सूबे के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बिहार के किशनगंज लोकसभा सीट में चुनाव प्रचार के दौरान लगाए गए एक समुदाय विशेष के धार्मिक नारों के खिलाफ में छत्तीसगढ़ सिख संगठन ने श्री अकाल तख्त साहिब में शिकायत की है।
एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल और अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरजीत सिंह को लिखे पत्र में छत्तीसगढ़ सिख संगठन के मुखिया अमरजीत छाबड़ा ने मांग की है कि सिद्धू ने सिख धर्म की मर्यादाओं और परंपराओं का उल्लंघन किया है। सिद्धू ने अजान के दौरान नारे लगाकर कट्टरपंथ को बढ़ावा दिया है। छाबड़ा ने अपने पत्र में लिखा कि सिखों की पहचान दस्तार है। सिद्धू ने नारे लगाकर सिख धर्म की अवमानना की है। उनको अकाल तख्त साहिब में तलब कर तनखइया घोषित किया जाए। साथ ही सिद्धू द्वारा पिछले दिनों दिए गए देश-समाज विरोधी बयान का संज्ञान लिया जाए।
कई शिकायतें पहुंची अकाल तख्त साहिब
छाबड़ा के अनुसार सिद्धू द्वारा की गई इस धर्म विरोधी कार्रवाई का संज्ञान लेने के लिए संगठन ने एक बैठक का आयोजन किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कांग्रेस नेता की गतिविधियों के विरुद्ध श्री अकाल तख्त साहिब में शिकायत की जाए। सिद्धू का यह कृत्य सिख पंथ के लिए चिंतनीय है। नवजोत सिद्धू पाकिस्तान की तारीफ कर देश विरोधी छवि भी निर्मित कर रहे हैं जो किसी भी स्थिति में सिख समाज में मान्य नहीं है। वहीं, अकाल तख्त साहिब के सचिवालय से मिली जानकारी के अनुसार इस संदर्भ में अलग-अलग सिख संगठनों के पत्र मिले हैं। उन पत्रों को अभी छांटा नहीं गया है। जत्थेदार अकाल तख्त ही इस पर कोई निर्णय लेंगे।
सिद्धू को मिल सकती है चेतावनी
नवजोत सिद्धू एक पतित सिख हैं। सिद्धू दाढ़ी रंगते हैं और कटवाते भी हैं। मर्यादाओं के अनुसार सिद्धू को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब नहीं किया जा सकता। ऐसे में जत्थेदार उन्हें अकाल तख्त साहिब सचिवालय में बुलाकर चेतावनी दे सकते हैं।