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कोरोना मरीज के इलाज में कोताही, सोने के कंगन भी चोरी,अस्पताल के खिलाफ शिकायत

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चंडीगढ़। औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 स्थित ईडन अस्पताल में भर्ती कोरोना के मरीज के इलाज में लापरवाही और मरीज का सोने का कंगन चुराने का आरोप लगा है। अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ चार अलग-अलग मामलों में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस को शिकायत देकर पीड़ित परिजनों ने इंसाफ की गुहार लगाई है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
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पहली शिकायत में रोपड़ निवासी मनीष कुमार ने बताया कि उनके पिता गोपाल कृष्ण कोरोना संक्रमित थे, जिन्हें 14 अप्रैल को ईडन अस्पताल में भर्ती करवाया गया। आरोप है कि पिता ने उन्हें वीडियो कॉल पर कहा कि ‘मुझे यहां से ले चलो, नहीं तो अस्पताल वाले मेरी जान ले लेंगे।’ इस बीच अस्पताल वालों ने उनका मोबाइल छीनकर स्विच ऑफ कर दिया। मनीष का आरोप है कि बाद में उन्हें कहा गया कि अस्पताल के पास रेमडेसिविर व अन्य इंजेक्शन नहीं है, लेकिन अगले दिन उन्हें बताया गया कि इंजेक्शन लगा दिया गया है लेकिन उनकी हालत खराब है और वेंटिलेटर की जरूरत है। इसके कुछ देर बाद कहा कि उनके पिता की मौत हो गई है। इलाज में कोताही बरती गई है। शक तब हुआ जब अस्पताल प्रबंधन शव देने को तैयार हो गया जबकि कोविड-19 के हिसाब से शव नहीं दिया जाता है। इस पूरे इलाज के दौरान उन्होंने 5.40 लाख रुपये जमा किए।
वहीं, सेक्टर-21 निवासी संजीव ने आरोप में बताया कि उनकी बहन प्रीति की तबीयत खराब होने पर 2 मई को उक्त अस्पताल में भर्ती करवाया। इस दौरान एक लाख रुपये भी जमा करवाए, लेकिन बाद में अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि उन्हें और एक लाख जमा करने होंगे। उन्हें कहा गया कि प्रशासन की तरफ से ऑक्सीजन मुहैया नहीं करवाया जा रहा है, जिस वजह से मरीज को कहीं और शिफ्ट करना होगा। मरीज को इतना डरा दिया गया कि यहां पर उनकी देखभाल नहीं होगी, सैनिटाइजर का इंतजाम नहीं, ऑक्सीजन की कमी समेत अन्य कमियों के बारे बताकर डराया गया।
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वहीं, न्यू दिल्ली के पश्चिम विहार निवासी अमित अरोड़ा का आरोप है कि उनका भाई सीताराम कोरोना संक्रमित थे। उक्त अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें कहा कि यहां पर आईसीयू में वेंटिलेटर उपलब्ध है। उनके कहने पर आनन-फानन 50 हजार रुपये एंबुलेंस को किराया देकर वह दिल्ली से अस्पताल पहुंचे। 50 हजार रुपये जमा करवाया गया, लेकिन बाद में बाद कहा गया कि वेंटिलेटर खाली नहीं है, मरीज को कहीं और ले जाओ।
वहीं, हिसार के बिटल मित्तल ने बताया कि उनकी मां कृष्णा रानी को 8 मई को तेज बुखार था। कोरोना के लक्षण के डर से उक्त अस्पताल में भर्ती करवाया। इस दौरान उनकी मां ने करीब डेढ़ तोले का सोने के कंगन पहना था। 9 मई को जब उनकी मौत हुई तो कंगन चोरी हो गया था।
कोट
मरीजों की इलाज ही प्राथमिकता, आरोप बेबुनियाद
ईडन अस्पताल के डॉक्टर संजय बंसल ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि मरीजों का बेहतर तरीके से उपचार करना उनकी पहली प्राथमिकता है। उनके लिए सभी मरीज एक जैसे होते हैं। इसके अलावा अगर किसी मरीज का सोने का कंगन गायब हुआ है, तो उसका भी सीसीटीवी फुटेज चेक करवाया जा रहा है।
कोट
ईडन अस्पताल के खिलाफ मरीज के परिजनों ने अलग अलग मामलों में कई शिकायतें दी हैं। इन मामलों में डीडीआर दर्ज कर ली गई है। मामले की छानबीन की जा रही है जांच पूरी होने के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।
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हरमिंदर जीत सिंह, थाना प्रभारी, औद्योगिक क्षेत्र
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