चंडीगढ़। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने बोलेरो की टक्कर से जान गंवाने वाले कीरतपुर रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर राम प्रताप के परिजनों को 26.22 लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला सुनाया। मुआवजे की राशि टक्कर मारने वाले वाहन के चालक, वाहन मालिक और मोटरसाइकिल का बीमा करने वाली बीमा कंपनी को अदा करनी होगी। हादसा 8 नवंबर 2020 को उस समय हुआ जब स्टेशन मास्टर राम प्रताप अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर कीरतपुर-भरतगढ़ रोड स्थित राणा ढाबा के बगल से गुजर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही बोलेरो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में राम प्रताप गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में तेज टक्कर लगने से राम प्रताप की मौत हुई। पीड़ित परिवार ने दो करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग लेकर न्यायाधिकरण में याचिका दायर की थी।
याचिका में कहा कि हादसा बोलेरो चालक की लापरवाही और तेज गति के चलते हुआ। राम प्रताप स्टेशन मास्टर के पद पर कार्यरत थे और उनकी मासिक आय करीब 56 हजार रुपये थी। न्यायाधिकरण ने बोलेरो स्वामी धीमान फर्नीचर, चालक अमेंरद्र सिंह और बीमा कंपनी को पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर 26 लाख 22 हजार 424 रुपये की राशि अदा करने के आदेश दिए हैं।हादसा 8 नवंबर 2020 को उस समय हुआ जब स्टेशन मास्टर राम प्रताप अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर कीरतपुर-भरतगढ़ रोड स्थित राणा ढाबा के बगल से गुजर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही बोलेरो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में राम प्रताप गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में तेज टक्कर लगने से राम प्रताप की मौत हुई। पीड़ित परिवार ने दो करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग लेकर न्यायाधिकरण में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा कि हादसा बोलेरो चालक की लापरवाही और तेज गति के चलते हुआ। राम प्रताप स्टेशन मास्टर के पद पर कार्यरत थे और उनकी मासिक आय करीब 56 हजार रुपये थी। न्यायाधिकरण ने बोलेरो स्वामी धीमान फर्नीचर, चालक अमेंरद्र सिंह और बीमा कंपनी को पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर 26 लाख 22 हजार 424 रुपये की राशि अदा करने के आदेश दिए हैं।