पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में रकम डालने वाली कंपनी के एक कर्मचारी ने वर्ष 2011 में नौ महीने के अंदर 1.15 करोड़ रुपये का चूना बैंक को लगा दिया।
बैंक ऑडिट में इसकी जानकारी मिली तो इसकी शिकायत कंपनी अधिकारियों से की गई। मामले में कंपनी की ओर से एक कर्मी के खिलाफ नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ थाना शहर में मुकदमा दर्ज कराया है।
गुड़गांव की सिकोरियन्स प्रा.लि. कंपनी जिले के पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में रकम डालने का काम करती है। कंपनी के एरिया मैनेजर आईके मेहरा (रिटायर्ड कर्नल) की ओर से दर्ज कराए मुकदमे के अनुसार जिले के पीएनबी के एटीम में रकम डालने की जिम्मेदारी गांव प्रहलादपुर(भाड़ावास) निवासी कर्मी जसपाल की थी।
जसपाल ने वर्ष 2011 में मार्च से दिसंबर महीने के बीच रकम डालने में बड़ा झोल करते हुए 1 करोड़, 15 लाख 64 हजार 7 सौ रुपये की हेराफेरी की।। बताया जाता है कि यह रकम रेवाड़ी के नाईवाली चौक स्थित एटीएम पर डाली जानी थी। इस संबंध में ऑडिट हुआ तो एक करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले का पता चला। कंपनी ने कर्मी जसपाल को निकालने के साथ ही आरोपी व एक अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट का भी मिला साथ!
इतनी बड़ी रकम पार करना सिर्फ जसपाल के बस की बात नहीं है। कंपनी के अधिकारियों का भी मानना है कि ऑटो जनरेटेड ऑनलाइन सिस्टम होने के कारण सर्वर से जुड़ा कोई व्यक्ति भी इस घोटाले में जुड़ा होगा, जिसने रकम कम होने के बावजूद सिस्टम में पूरा दिखाया। इस आधार पर एक अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ सह आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।