हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को घोषणा की कि बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि के कारण रबी फसलों के नुकसान की भरपाई का मुआवजा एक से 15 मई तक वितरित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी ऐलान किया कि पिछले मुआवजे, जो हाल ही में उनकी सरकार द्वारा जारी किए गए हैं और अभी वितरित नहीं हुए हैं, में भी 250 रुपये की बजाय कम से कम 500 रुपये की मुआवजा राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह घोषणाएं शुक्रवार को उनकी अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में कीं।
बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मुआवजा वितरण में 500 विशेष पटवारियों की सेवाएं ली जाएं और मुआवजा राशि का वितरण जिला कष्ट निवारण समितियों के संबंधित मंत्रियों की निगरानी में किया जाए। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव व प्रधान सचिवों को आवंटित किए गए जिलों में ये उच्च अधिकारी स्वयं इस कार्य की निगरानी रखेंगे।
रिपोर्ट के अनुसार, किसानों को 1092 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जाएगी। सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 30 अप्रैल तक राशि अदायगी प्राप्ति (एपीआर) तैयार करें। बैठक में मुख्यमंत्री को यह जानकारी भी दी गई कि सरकार ने मुआवजा राशि वितरण के लिए हरियाणा सिविल सेवा के श्रेणी-1 के अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष कमेटियां गठित की हैं।
इनमें कृषि, राजस्व या उपायुक्त की सहमति से किसी अन्य विभाग के किसी अन्य अधिकारी को प्रतिनिधि के रूप में शामिल किया गया है। मुआवजा राशि का वितरण सार्वजनिक स्थानों पर होगा और इस कार्य की पूरी वीडियोग्राफी करवाई जाएगी। इस मौके पर गांव के सरपंच, नंबरदार और अन्य लोग उपस्थित रहेंगे।
यह है मुआवजे की दर
गेहूं के लिए सरकार द्वारा घोषित की गई नई दरों के अनुसार
25-50 प्रतिशत नुकसान - 7000 रुपये प्रति एकड़
50-75 प्रतिशत नुकसान - 9500 रुपये प्रति एकड़
75-100 प्रतिशत नुकसान : 12000 रुपये प्रति एकड़
सरसों व अन्य फसलों के लिए
25-50 प्रतिशत नुकसान - 5500 रुपये प्रति एकड़
50-75 प्रतिशत नुकसान - 7000 रुपये प्रति एकड़
75-100 प्रतिशत नुकसान : 10000 रुपये प्रति एकड़
अन्य राहत
हरियाणा सरकार ने किसानों के हित में प्रभावित क्षेत्रों में छह महीने पिछले व छह महीने आगे के कृषि बिजली बिलों को माफ करने, फसली ऋणों की अदायगी तीन वर्षों के लिए पुन: निर्धारण करने और आगामी फसली ऋण जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवाने की घोषणा पहले ही कर चुकी है।