चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय को मल्टी टॉस्किंग स्टाफ (एमटीएस) की आवश्यकता है या नहीं। इस पर निर्णय लेने के लिए अधिकारियों ने एक समिति बनाई है। एक सप्ताह में यह समिति अपनी रिपोर्ट देगी। सूत्रों का कहना है कि अप्रैल माह में कुछ मल्टी टॉस्किंग स्टाफ को वापस बुलाए जाने की योजना है,क्योंकि विभागों में कर्मचारियों की आवश्यकता है। इनके न होने से काम प्रभावित हो रहा है।
पीयू हर साल लगभग 250 मल्टी टॉस्किंग स्टाफ से काम लेते आ रही है। इनको साल में 11 माह का मानदेय दिया जाता है और उसके बाद फिर इनका नवीनीकरण हो जाता है। पिछले साल कोरोना के कारण पीयू बंद थी और जून में इनका अनुबंध खत्म हो गया तो यह पीयू से बाहर हो गए। उस दौरान इन कर्मियों ने कुछ दिन नौकरी पर रखने की मांग की थी ताकि लॉकडाउन में उनके परिवारों का खर्च चल सके, लेकिन इन्हें नहीं रखा गया। सूत्रों का कहना है कि अब कर्मियों का भी दबाव पड़ रहा है और विभागों को भी कर्मचारियों की आवश्यकता है। इसे ध्यान में रखकर पीयू ने एक समिति बनाई है। जानकारों का कहना है कि एक साथ सभी कर्मचारियों को पीयू बुलाने की इच्छा नहीं रख रही है। जैसे-जैसे जरूरत होगी, उसी के हिसाब से उन्हें बुलाया जाएगा। हालांकि, अगले सप्ताह तक समिति का निर्णय आ जाएगा।