चंडीगढ़। स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाने के मकसद से सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच 32) में निदेशक प्रिंसिपल प्रोफेसर एके अत्री के निर्देश पर समिति का गठन किया गया है। बुधवार को जीएमसीएच- 32 में एक जूनियर रेजिडेंट से मारपीट के बाद अस्पताल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है। गौर हो कि यूटी पुलिस ने इस मामले में एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के साथ कथित तौर पर मारपीट करने और उसे अपने आधिकारिक कर्तव्य का निर्वहन करने से रोकने के लिए पंजाब निवासी एक व्यक्ति पर मामला दर्ज किया था। प्रो. अत्री ने कहा कि मरीज की मौत के बाद परिवार का दुख समझ सकते हैं, लेकिन इसके लिए कोई किसी स्वास्थ्यकर्मी के साथ मारपीट नहीं कर सकता। इससे डॉक्टर कर्तव्य निभाने से हतोत्साहित होते हैं। इसलिए एक सप्ताह के भीतर एसओपी का गठन कर दिया जाएगा। फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर अमनदीप सिंह को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने कहा किसी को भी मारपीट करने का अधिकार नहीं है, चाहे उकसावे की कोई भी स्थिति हो। एसओपी में हमारे पास महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षा प्रतिक्रिया समय होगा। साथ ही त्वरित सुरक्षा प्रतिक्रिया के लिए सभी वार्डों में साइनबोर्ड पर हेल्पलाइन नंबर चस्पां किए जाएंगे और ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।