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रिहायशी बिल्डिंग का कामर्शियल इस्तेमाल

Wed, 13 Nov 2013 01:24 AM IST
अमर उजाला, पंचकूला
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देर रात तक ढोल, धमाकेदार म्यूजिक की आवाज और सड़क पर खड़े वाहनों का काफिला...। शादी समारोहों में जश्न मनाकर लोग तो चले जाते हैं, लेकिन उनके बचे खाने के पीछे दर्जनों स्ट्रीट डॉग्स का झुंड पहुंच जाता है।
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 वाहनों का काफिला और भीड़भाड़ की वजह से कई बार स्कूली बच्चों को भी घरों से पहले ही बसों से छोड़ दिया जाता है। यह आलम है कि सेक्टर-दो के रिहायशी इलाके में बने एक मकान का। आरोप है कि इसका कॉमर्शियल इस्तेमाल किया रहा है।

रेजीडेंट्स ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) को इसकी शिकायत दी तो उन्हें नोटिस भेज दिया गया। हुडा अधिकारी के मुताबिक ऐसी गतिविधियों पर शिकंजा कसने के निर्देश हैं।
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तीन नोटिस के बाद भी अगर यह सिलसिला नहीं थमा तो प्रॉपर्टी को रिज्यूम कर लिया जाएगा।

कोट्स..........
यहां एक सप्ताह के दौरान दो शादियां हो चुकी हैं और आगे भी यह सिलसिला बना रहेगा। पिछले साल भी इसी तरह की गतिविधियों के बाद हुडा ने आदेश जारी किए थे, जिस पर प्रॉपर्टी मालिक ने अदालत में ऐसी गतिविधियां दोबारा नहीं किए जाने का शपथ पत्र दिया था। समारोह में सैकड़ों की संख्या में लोगों के पहुंचने की वजह से देर रात तक शोर, वाहनों का काफिला और सुबह भी परेशानियां बनी रहती हैं।
- एसएस कालिया, रिटायर्ड कर्नल, आरडब्ल्यूए

पिछले एक सप्ताह के दौरान लगातार शादी-ब्याह की वजह से वाहनों की पार्किंग से ट्रैफिक की समस्या पैदा हो रही है। इसकी शिकायत हुडा के अलावा डीसीपी से भी की जा चुकी है।
- कर्नल केके वर्मा

इन समारोहों से न केवल ट्रैफिक बाधित होता है, बल्कि आसपास के घरों में आपराधिक गतिविधियां भी होने का खतरा बढ़ गया है। सुबह और दोपहर बाद पहुंचने वाली स्कूल बसों को भी बीच रास्ते में ही बच्चों को छोड़कर जाना पड़ता है।
- संजय कांसल

देर रात तक आयोजनों के कारण रात की नींद भी खराब होती है। इसके लिए कोई इजाजत नहीं होने के बावजूद अवैध तौर पर व्यावसायिक गतिविधि को अंजाम दिया जा रहा है। पिछले साल भी इस तरह की समस्या पैदा हुई थी और मामला कोर्ट में पहुंच गया था।
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 - नरेश पवार, सेक्टर-दो

शादी ब्याह में बनाए गए व्यंजनों को भी अगली सुबह फेंक दिया जाता है। इस वजह से भी स्थानीय लोगों के सामने स्ट्रीट डॉग्स की समस्या और गंभीर होने लगी है।
- एसएस अरोड़ा


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