कामर्शियल प्रापर्टी के लिए टैक्स की अलग-अलग दरें हैं। अगर आप कामर्शियल साइट का खुद इस्तेमाल कर रहे हैं तो कम टैक्स लगेगा, लेकिन यदि वही साइट किराए पर दे रखा है तो 25 फीसदी ज्यादा टैक्स चुकाना होगा।
नगर निगम ने सभी प्लॉट मालिकों और कॉमर्शियल प्लॉट मालिकों को इस संबंध में निर्देश दे दिए हैं। प्लाट साइज और फ्लोर के मुताबिक ही उन्हें टैक्स चुकाना होगा।
टैक्स रेट और प्लाट साइज के मुताबिक दरों के लिए पिछले वर्षों के प्रापर्टी टैक्स का आकलन किया जा सकता है। निगम ने सभी करदाताओं से अपील की है कि 25 नवंबर तक टैक्स की अदायगी कर दें, ताकि छूट का फायदा मिल सके।
टैक्स पर एक नजर
साइज टैक्स रेट/गज
50 वर्ग गज तक 18 रुपये
51-100 वर्ग तक 27 रुपये
101-500 वर्ग गज तक 36 रुपये
501-1000 वर्ग गज तक 45 रुपये
इन प्लाटों की पहली मंजिल के लिए टैक्स में 40 फीसदी, दूसरी मंजिल और उससे ऊपर व बेसमेंट के लिए संपत्ति कर में 50 फीसदी की छूट का प्रावधान है।
यदि अलग-अलग मंजिलों के मालिक अलग हैं तो सभी को ग्राउंड फ्लोर के लिए तय दर के मुताबिक ही टैक्स चुकाना होगा।
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किराए पर प्रापर्टी दी तो ज्यादा ढीली होगी जेब
अगर कामर्शियल शॉप या उसके कुछ हिस्से को किराया या लीज पर दिया गया है तो प्रापर्टी टैक्स पर इसके लिए टैक्स 1.25 गुना यानी 25 फीसदी अधिक होगी।
माना जा रहा है कि ऐसे में कॉमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदकर किराए पर देने वालों की संख्या में कुछ कमी आ सकती है। हो सकता है कि कारोबारी इन प्लॉट या परिसरों का निजी इस्तेमाल करें, ताकि टैक्स में बचत हो।
बेसमेंट पार्किंग पर नहीं लगेगा टैक्स
इन भवनों के लिए पार्किंग के लिए इस्तेमाल होने वाले बेसमेंट पर प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगेगा।
अगर कॉमर्शियल प्रॉपर्टी की बेसमेंट में पार्किंग तैयार की गई है तो इसके लिए प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं होगी।