पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने द पंजाब स्टेट डेवलपमेंट एंड प्रमोशन ऑफ स्पोर्ट्स एक्ट, 2024 लागू करने की तैयारी कर ली है। खेल विभाग ने इस संबंध में एक ड्राफ्ट तैयार किया है।
ड्राफ्ट के अनुसार खेलों में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के हाथ ही खेल एसोसिएशंस की कमान होगी। इसकी सिफारिश इसलिए की जा रही है ताकि अच्छे खिलाड़ी निकलकर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। इस ड्राफ्ट को अब मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद ही इसे मंत्रिमंडल में लाया जाएगा। खेल विभाग ने बताया कि नया कानून बनने के बाद एसोसिएशनों पर राजनेताओं का दबदबा खत्म हो जाएगा।
एसोसिएशन में संबंधित खेल के खिलाड़ियों व कोचों को प्रतिनिधित्व मिलने के चलते अच्छा प्रबंधन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि योग्य खिलाड़ियों को तैयार किया जा सके। इससे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छे नतीजे हासिल करने में मदद मिल सकेगी।
ड्राफ्ट के अनुसार एसोसिएशनों में जिन खिलाड़ियों ने संबंधित खेल में जिला स्तर पर 20 साल के दौरान मेडल जीया होगा, वे इनमें सदस्य बन सकेंगे। शिक्षा, खेल विभाग व निजी संगठनों में पिछले चार साल से काम कर रहे कोच भी सदस्य बन सकेंगे। इनकी आयु 18 से कम व 70 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। सभी एसोसिएशनों की जनरल बॉडी होगी। एग्जीक्यूटिव कमेटी में दो महिलाओं को शामिल करना अनिवार्य होगा। महासचिव के पद पर केवल वह खिलाड़ी ही चुनाव लड़ सकेंगे, जिन्होंने राज्य स्तर पर मेडल जीता होगा।
चार साल के लिए होगी एग्जीक्यूटिव कमेटी
खेल विभाग के अनुसार एग्जीक्यूटिव कमेटी चार साल के लिए गठित होगी। जिला खेल अधिकारी व जिला मजिस्ट्रेट की ओर से नियुक्त अधिकारी एसोसिएशनों का बैलेट पेपर से चुनाव करवाएंगे। इसी तरह किसी भी खेल के लिए राज्य में एक स्टेट स्पोर्ट्स एसोसिएशन बनाई जाएगी। सभी जिला खेल एसोसिएशनों के कार्यकारिणी सदस्य स्टेट स्पोर्ट्स एसोसिएशन की जनरल बॉडी बनाएंगे।
खेल एसोसिएशनों में खिलाड़ियों को ही प्रतिनिधित्व मिल सके और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलों में अच्छे नतीजे हासिल किए जा सकें, इसलिए यह कानून बनाया जा रहा है। ड्राफ्ट पर सभी हितधारकों के सुझाव ले लिए गए हैं और अब इसे मंजूरी के लिए आगे भेजा जाएगा। -सर्वजीत सिंह, विशेष मुख्य सचिव, खेल विभाग पंजाब।
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन एक स्वतंत्र बॉडी : अमरजीत सिंह
पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देकर खेल विभाग से अपील की है कि उन पर यह कानून लागू नहीं होना चाहिए। पीसीए एक स्वतंत्र बॉडी है, जो बीसीसीआई के अंडर आती है। यह केंद्र व राज्य सरकार के अधीन नहीं आती। अमरजीत सिंह मेहता, प्रधान पीसीए