चंडीगढ़। भागमेंदर लादेर की घातक गेंदबाजी की बदौलत चंडीगढ़ की टीम ने ओडिशा को कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी मैच में जोरदार झटका दिया। पहले दिन गीले मैदान के चलते मैच शुरू नहीं हो सका था। दूसरे दिन वीरवार को मैच दोपहर 3.30 बजे शुरू हुआ। चंडीगढ़ ने ओडिशा को उनकी पहली ही पारी में सात विकेटों के नुकसान 53 रनों पर ढेर कर दिया।
इससे पूर्व चंडीगढ़ ने टॉस जीतकर पहले ओडिशा को बल्लेबाजी करने का न्योता दिया, जिसके बाद मेहमान टीम ने 8 ओवर में आठ रन बनाकर बेहद धीमी गति से शुरुआत की। नौवें ओवर ने मनदीप सिंह ने अमृत खतुआ को दो रन के निजी स्कोर पर एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। इसके बाद गेंदबाजी की कमान भागमेंदर लादेर ने संभाली। साथ ही ओडिशा के बल्लेबाजों का पवेलियन लौटने का सिलसिला भी शुरू हो गया। मैच के 12वें ओवर में लादेर ने विकेटकीपर बल्लेबाज सौरव को शून्य पर एलबीडब्ल्यू आउट किया। इसके बाद दूसरी छोर से गेंदबाजी कर रहे मनदीप ने लादेर का साथ बखूबी निभाया और नए बल्लेबाल स्वास्तिक समल को शून्य पर बोल्ड किया। लगातार दबाव बना रहे गेंदबाजों को एक बड़ी कामयाबी तब मिली जब लादेर ने 16वें ओवर में जमे हुए सलामी बल्लेबाज बिनीत मोहंती को 13 रनों पर आउट कर दिया। इस समय ओडिशा का स्कोर चार विकेट के नुकसान पर 17 रन था। लादेर यहीं नहीं रुके, उन्होंने अगले ही ओवर में कार्तिक बिसवाल (3) को कप्तान अमृत लुबाना के हाथों कैच करवाकर पवेलियन भेज दिया। इससे मात्र 22 रनों पर आधी टीम पवेलियन में जाकर बैठ गई।
शुभम शत्रुजीत और श्यामासागर बल अभी 19 रनों की साझेदारी निभाकर पारी को संभालने का प्रयास कर ही रहे थे कि लादेर ने एक बार फिर उनके इरादों पर पानी फेरा। 26वें ओवर में लादेर ने शुभम को 18 के निजी स्कोर पर आउट कर ओडिशा की कमर तोड़ दी और स्कोर छह विकेट के नुकसान पर 41 रन कर दिया। इसके बाद अगले ही ओवर में जब गेंदबाजी करने उतरे निपुण पंडिता ने राहुल चैधरी की शून्य पर आउट कर स्कोर सात विकेटों के नुकसान पर 42 रन कर दिया। दिन का खेल खत्म होने तक ओडिशा की टीम सात विकेट के नुकसान पर 53 रनों पर संघर्ष करता दिखाई दी। चंडीगढ़ की ओर से भागमेंदर लादेर सबसे सफलतम गेंदबाज रहे, जिन्होंने 12 ओवर में 15 रन देकर चार विकेट चटकाए जबकि मनदीप सिंह ने 24 रन देकर दो विकेट लिए। निपुण पंडिता को एक विकेट से ही संतोष करना पड़ा।