हरियाणा के विभिन्न कॉलेजों में 1396 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया में पीएचडी होल्डर्स हिस्सा ले सकते हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन(एचपीएससी) को निर्देश जारी किए हैं कि इन पदों के लिए पीएचडी होल्डर्स के आवेदन को कंसीडर्ड किया जाए।
जस्टिस जसबीर सिंह पर आधारित डबल बेंच ने एचपीएससी को आवेदन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि को भी दस दिन के लिए एक्सटेंड करने के निर्देश जारी किए हैं। पूर्व में जारी विज्ञापन के अनुसार आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 21 फरवरी के लिए निर्धारित की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) के विशेष क्लॉज के तहत इन पदों के लिए आवेदन करने के लिए पीएचडी होल्डर्स को छूट है।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया यूजीसी की गाइड लाइन्स को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। मामले की सुनवाई के दौरान ए ग्रेड यूनिवर्सिटी के पीएचडी होल्डर्स की अन्य विश्वविद्यालयों के पीएचडी होल्डर्स के मुकाबले में सीधी योग्यता की बात भी उठी।
दूसरी तरफ हरियाणा सरकार के वकील ऐसे मामले में सुप्रीमकोर्ट की कोई ठोस जजमेंट पेश नहीं कर पाए। मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से उच्च शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया।
हलफनामे में कहा गया है कि इस मामले में विस्तृत कंसल्टेंसी की जरूरत है। उधर, याची पक्ष ने दलील दी कि सरकार ने ऐसा करके यूजीसी की गाइड लाइंस का उल्लंघन किया है। हाईकोर्ट ने मामले में हरियाणा सरकार को निर्देश जारी किए हैं कि वह इस पर विस्तृत हलफनामा हाईकोर्ट में पेश करे।
यह है मामला
अंबाला निवासी राजीव एवं अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिला कर आरोप लगाया है कि इन पदों को भरने के लिए जो योग्यता निर्धारित की गई है, उसमें पीएचडी धारकों को जगह नहीं दी गई है।
हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की ओर से जारी विज्ञापन में सिर्फ नेट और एचटेट को ही योग्य करार दिया गया है।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जसबीर सिंह एवं एचएस सिद्घू की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार और हरियाणा लोक सेवा आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
दाखिल याचिका में कहा गया है कि हरियाणा सरकार ने 30 सितंबर 2013 को इन नियुक्तियों के लिए अधिसूचना जारी की थी।
इसके बाद हरियाणा लोकसेवा आयोग ने 24 जनवरी को इन पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किया। याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया गया है कि 1396 सहायक प्रोफेसर के पदों के लिए पीएचडी धारकों को भी योग्य माना जाए।