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पोस्टरों की जंग, उड़ रहीं आचार संहिता की धज्जियां

Sun, 20 Apr 2014 02:26 PM IST
विकास मल्होत्रा/अमर उजाला, लुधियाना
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लोकसभा चुनाव में अब पोस्टरों की राजनीति जोरों पर है। हर उम्मीदवार हर इलाके में पोस्टर लगाकर अपना चुनाव प्रचार करने में जुटा हुआ है। सत्ताधारी सरकार के उम्मीदवार मनप्रीत सिंह अयाली और अकाली दल से बागी होकर चुनाव मैदान में उतरे आजाद प्रत्याशी सिमरजीत सिंह बैंस शहर में पोस्टर लगवा सरेआम चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
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इसका उदाहरण है सरकारी बिल्डिगों पर लगे पोस्टर जो हर आम आदमी को तो नजर आ रहे है, लेकिन लुधियाना में बैठे चुनाव अधिकारी को नजर नहीं आ रहे। जिला प्रशासन द्वारा न तो इन पोस्टरों को उतारा जा रहा है और न ही इन पोस्टरों को लगाने वालों पर कोई कार्रवाई हो रही है।

पुलिस प्रशासन महज अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर अपनी प्रक्रिया पूरी कर रहा है, लेकिन सारी रात सड़कों पर पहरा देने वाली पुलिस को यह तक नहीं पता कि पोस्टर कौन लगा रहा है।
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शहर तो शहर, उम्मीदवारों के पोस्टरों से शहर के साथ लगते कई गांव भी अटे पड़े हैं। जगह-जगह पर हर उम्मीदवार के पोस्टर नजर आ रहे है। उम्मीदवारों के पोस्टर घरों की दीवारों पर लगाने से लोग भी काफी परेशान है। देर रात को जब लोग नींद में होते हैं तो उम्मीदवारों के समर्थक अलग-अलग मोहल्लों और सड़क पर पोस्टर लगा जाते हैं।

देर रात को शहर को सुरक्षा देने वाली पुलिस को भी नहीं पता कि पोस्टर कौन और कब लगा रहा है। पिछले कुछ दिनों में जिला पुलिस ने सरकारी बिल्डिगों पर पोस्टर लगाने के मामलों में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार एचएस फुलका, आजाद उम्मीदवार सिमरजीत सिंह बैंस, अकाली दल के मनप्रीत सिंह अयाली और कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू के समर्थकों पर मामला दर्ज किया था, लेकिन पुलिस ने यह मामले अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किए हैं।

पुलिस अब पता लगाने में जुटी है कि यह पोस्टर कौन लगा रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान भी पुलिस ने पोस्टर लगाने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे, लेकिन किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। चुनाव खत्म होने के बाद पुलिस इन मामलों को ठंडे बस्ते में डाल देती है।

जिला चुनाव अधिकारी कम डीसी रजत अग्रवाल ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है कि प्रशासन ने इस पर कोई नजर नहीं रखी हुई है। प्रशासन द्वारा बनाई टीमें शहर में लगे पोस्टरों पर नजर रखे हुए है। सरकारी इमारतों पर लगे प्रत्याशियों के पोस्टर उतरवाए भी गए थे। पोस्टर लगाने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए थे। अगर कोई व्यक्ति चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी। 
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