चंडीगढ़। राज्यसभा में बोलते हुए कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि देश के स्कूलों और विश्वविद्यालयों में लाखों शिक्षकों की कमी है, जिसके कारण कोचिंग सेंटर्स पनप रहे हैं। वह दिल्ली के राजेंद्र नगर में एक कोचिंग सेंटर में हुए हादसे पर बोल रहे थे। उन्होंने दिल्ली के कोचिंग संस्थान में चार छात्र-छात्राओं की दुखद मृत्यु पर संसद में शोक संवेदना व्यक्त की।
सुरजेवाला ने कोचिंग सेंटर्स के पनपने के चार कारण गिनाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को लेकर मां-बाप की इच्छाएं, दूसरा बच्चों को आगे बढ़ाने की ललक, मेडिकल, आईआईटी, आईआईएम जैसे संस्थानों में सीमित सीटें और रोजगार की कमी। जब यह चारों कारण मिल जाते हैं तो फिर कोचिंग सेंटर की जरूरत उत्पन्न होती है। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों में देशभर के अंदर कोचिंग सेंटर बड़ी संख्या में पनपे हैं। उन्होंने एक सर्वे रिपोर्ट का हवाला देकर बताया कि देश में वर्ष 2028 तक कोचिंग इंडस्ट्री 1,38,000 करोड़ का व्यवसाय बन जाएगी। बीते 10 साल में शिक्षा का व्यवसायीकरण और निजीकरण किया गया है। उन्होंने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए सदन में कहा कि वर्ष 2014-15 में देश भर में 11,07,118 सरकारी स्कूल थे। वर्ष 2021-22 तक के उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि सरकारी स्कूल बढ़ने के बजाय कम हो गए, उनकी संख्या 10,20,386 रह गई। गवर्नमेंट सहायता प्राप्त स्कूलों की संख्या 2014-15 में 83,402 थी, वह भी कम होकर 82,480 रह गए हैं। यानी करीब 87,000 स्कूल बंद हो गए।