अगर आप सीएम बादल से बात करना चाहते हैं तो हर सोमवार को उन्हें फोन कर सकेंगे। इसके लिए दो घंटे का टाइम मिलेगा। इसके तहत कोई भी व्यक्ति पहले एक घंटा में उन्हें फोन कर अपनी समस्या से अवगत करवा सकता है। दूसरे घंटे में सीएम खुद लोगों को फोन कर राज्य सरकार की स्कीमों की जानकारी हासिल किया करेंगे। मुख्यमंत्री ने सोमवार को दियोणखेड़ा, डबवाली मलकोकी, कंगनखेड़ा, भाईकाकेरा, रसूलपुर केरा गांवों में संगत दर्शन कर पंचायतों की मुश्किलें सुनीं।
इस दौरान मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने खेतीबाड़ी को फायदेमंद धंधा बनाने के लिए केंद्र सरकार से खेती माहिरों की उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि केंद्र में पूर्व कांग्रेस सरकार के कारण तो किसान खुदकुशियों करने को मजबूर हो गए। इसलिए अब मौजूदा केंद्र सरकार को किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनानी चाहिए।
मुख्यमंत्री बादल ने सोमवार को लंबी विधानसभा हलके में संगत दर्शन कार्यक्रम के दौरान कहा कि डीजल, कीड़ामार दवाओं, खादों के अलावा फसलों का कम से कम समर्थ मूल्य व खेती वस्तुओं की कीमतें केंद्र की ओर से तय की जाती हैं। इसमें सूबा सरकारों की कोई भूमिका नहीं होती। सीएम ने कहा कि सूबे के किसानों को खेती संकट से निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखने के अलावा उनके साथ बैठक भी हो चुकी है। सूबा सरकार लगातार केंद्र के पास यह मुद्दा उठा रही है।
उन्होंने कहा कि किसानों के ट्यूबवेल बिल माफ किए गए हैं। इसके लिए पंजाब सरकार हर साल पांच हजार करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी देती है। अगर राज्य सरकार यह कदम न उठाती तो हर साल पांच हजार करोड़ से ज्यादा की राशि किसानों को अपनी जेब से निकालनी पड़ती। सूबा सरकार ने कुदरती आपदा से फसलों के होने वाले नुकसान के लिए मुआवजा 3,400 से बढ़ाकर आठ हजार रुपये प्रति एकड़ कर दिया है। आम आदमी पार्टी की ओर से शुरू किए गए ‘पंजाब बोलदा’ कार्यक्रम को सीएम ने फ्लॉप शो करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप के प्रमुख अरविंद केजरीवाल का पंजाब के हितों से कोई संबंध नहीं है।