इसके लिए मुख्यमंत्री ने चौधरी बीरेंद्र सिंह का उद्हारण भी दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई साल पहले चौधरी बीरेंद्र सिंह भाजपा में आए थे। शुरू-शुरू में उनके भाषण में भारत माता की जय का नारा नहीं सुनता था।
अब पिछले दिनों मैंने जब उनका भाषण सुना तो उन्होंने भारत माता की जय के नारे लगवाए। इसके बाद मैंने जब उनसे पूछा कि आप तो पहले यह नारा नहीं लगाते थे तो उनका जवाब था कि वे तो भाजपा में आ गए थे लेकिन भाजपा उनके अंदर अब आई है।
यही स्थिति दूसरे नेताओं की है। जो भाजपा में तो आ जाते हैं लेकिन उनके अंदर भाजपा के जाने में साल दो साल लग जाते हैं। इस समय दूसरी पार्टी के नेताओं का उन पर काफी दबाव है कि वे उन्हें भाजपा में ज्वाइन करवा लें। सीएम ने यहां तक कहा कि वे इसके लिए कोई हल्का शब्द प्रयोग नहीं करेंगे, बस इतना ही कहेंगे कि बहुत भारी दबाव है। लेकिन यह भी स्पष्ट है कि उन्हें भाजपाई बनने में समय लगेगा।
सीएम ने यह बात कहकर एक तरह से इशारा किया कि है कि बेशक दूसरी पार्टी के नेता भाजपा में आ रहे हैं लेकिन उनका टिकट पक्का नहीं है। सीएम ने कहा कि पुराने लोगों का फर्ज है कि वे नए लोगों को पार्टी की परंपरा से अवगत करवाएं। फिर कोई परेशानी नहीं होगी।
प्रो दिनेश कौशिक को बताया अपवाद
जिस मंच से सीएम यह एलान कर रहे थे कि भाजपा में आने वाले नेताओं को भाजपाई बनने में साल दो साल लग जाते हैं, उसी मंच पर चंद मिनट पहले ही निर्दलीय विधायक प्रो दिनेश कौशिक ने भाजपा का दामन थामा था।
सीएम ने अपनी बात के बीच में प्रो दिनेश कौशिक को उन नेताओं में अपवाद बताया। सीएम ने कहा कि प्रो दिनेश कौशिक ने चार साल पहले ही भाजपा को समर्थन दे दिया था। वे पार्टी की बैठकों में भी आते रहे हैं। इसीलिए उनके अंदर तो भाजपा पहले से ही है। इसीलिए उन्हें कोई खतरा नहीं है।