पुलिस एनफोर्समेंट विंग का किया जाएगा गठन, अलग होंगे थाने
मुख्यमंत्री ने सोनीपत में कमिश्नरेट व्यवस्था और अलग से पुलिस एनफोर्समेंट विंग के गठन की घोषणा की। पुलिस का कार्य प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था को बनाए रखने के साथ अन्य कार्य जैसे अवैध खनन, सिंचाई, बिजली, कब्जों को हटाना भी उनके कार्य क्षेत्र में आता है। इसलिए अब राज्य सरकार ने अलग से पुलिस एनफोर्समेंट विंग का गठन करने का निर्णय लिया है। इसके थाने भी अलग होंगे और इसके संचालन के लिए अलग से एडीजीपी एनफोर्समेंट पद भी सृजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश में केवल गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला में ही पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था है। अब सोनीपत चौथा जिला बन जाएगा।
ऑनलाइन राशन कार्ड योजना
मुख्यमंत्री ने बीपीएल परिवारों को ऑनलाइन राशन कार्ड देने की सुविधा का शुभारंभ किया। अब आवेदकों को अपने बीपीएल व एएवाई राशन कार्ड बनवाने के लिए विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से बिना आवेदन किए ही पात्र परिवारों को स्वयं ही बीपीएल का पीला राशन कार्ड ऑनलाइन मिल जाएगा।
कॉलेज विद्यार्थियों के लिए मुफ्त पासपोर्ट योजना
सरकारी कॉलेजों के अंतिम वर्ष में पढ़ने वाले छात्रों को मुफ्त पासपोर्ट योजना शुरू की है। पासपोर्ट का खर्च हरियाणा सरकार वहन करेगी। छात्र पासपोर्ट शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए उच्च शिक्षा पोर्टल
passport.highereduhry.ac.in पर आवेदन कर सकते हैं।
अब मिलेगी जमाबंदी की ऑनलाइन फर्द
प्रदेश की सभी 143 तहसीलों, उप-तहसीलों में अब लोगों को जमाबंदी की ऑनलाइन फर्द मिल सकेगी। अब किसान जमाबंदी की डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त फर्द
jamabandi.nic.in पोर्टल से प्राप्त कर सकेंगे। जमाबंदी की यह प्रति कानूनी रूप से मान्य होगी। इसे पटवारी से हस्ताक्षरित कराने की जरूरत नहीं होगी।
एचपीएससी मांग पोर्टल
यह पोर्टल सार्वजनिक विज्ञापन के लिए नई मांग करने की प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद करेगा। विभागीय नोडल अधिकारी नई मांग ऑनलाइन भरेंगे और संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिव लॉगिन के माध्यम से हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) को भेजेंगे। एचपीएससी की ओर से उठाए गए प्रश्नों के लिए विभाग को ऑटोमेटिक रिमाइंडर भेजे जाएंगे। एचपीएससी और विभाग पोर्टल पर मांग की स्थिति को ट्रैक कर सकेंगे।
सभी सेक्टरों में बनेंगे सुविधा केंद्र
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के सभी 250 सेक्टरों में नागरिकों के लिए सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे। इन्हें अगले एक साल में तैयार कर लिया जाएगा। यह केंद्र सामान्य सेवाओं के साथ-साथ शहरी विकास और शहरी मुद्दों से संबंधित नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करेंगे। प्रत्येक केंद्र में कम से कम दो वर्क स्टेशन शामिल होंगे। नागरिकों को टोकन या ऑनलाइन अप्वॉइंटमेंट के आधार पर सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
गुणवत्ता को लेकर दर्ज करा सकेंगे शिकायत
निर्माण कार्यों में आम जनता की निगरानी बढ़ाने के लिए वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इस प्रणाली से आम नागरिक कार्य की गुणवत्ता में कमी और भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें कर सकते हैं। इसके अलावा, ठेकेदार भी बिलिंग, भुगतान और भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें कर सकते हैं। बिलिंग और भुगतान से संबंधित शिकायतों को टेंडर आमंत्रित करने वाले अधिकारी से ऊपर के अधिकारी के पास भेजा जाएगा। अगर अधिकारी ने 15 दिनों में कोई कार्रवाई नहीं की तो सिस्टम शिकायत को अगले उच्चाधिकारी तक पहुंचा देगा। भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत सतर्कता विभाग के नोडल अधिकारी को भेजी जाएगी। क्लोजर रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में फिर से शिकायत की जा सकती है।