पत्रकारों से बातचीत में सीएम मनोहर लाल ने कहा कि पराली के प्रबंधन के लिए प्रदेश सरकार गंभीर है। इसके लिए जिला अनुसार व्यवस्था बनाई जा रही है। सीएम से जब पूछा गया कि सरकार ने पराली खरीदने की बात कही थी, तो सीएम का जवाब था कि यही व्यवस्था बनाई जा रही है और इसकी प्लानिंग लगभग पूरी हो चुकी है। सीएम ने केजरीवाल के उस आरोप को भी गलत करार दिया जिसमें उन्होंने दिल्ली के प्रदूषण के लिए हरियाणा के पराली संकट को जिम्मेदार ठहराया था।
सीएम मनोहर लाल ने दावा किया कि इस बार हरसैक की ही रिपोर्ट है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल अभी तक 35 से 40 फीसदी पराली कम जलाई गई है और ऐसा हरियाणा के जागरूक किसानों व सरकार की मेहनत से हुआ है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने की नौबत नहीं आए, सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है।
बुधवार को सरकार का विरोध करने जा रहे कर्मचारियों पर लाठीचार्ज व वाटर कैनन के इस्तेमाल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है। हड़ताल कब तक खत्म होगी, इस सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि उन्होंने और सरकार ने पहले भी कर्मचारियों से निवेदन किया है कि वो हड़ताल को समाप्त करें और जनहित में अपनी ड्यूटी पर लौट आएं। हालांकि सीएम ने इस मौके पर भी कर्मचारियों के आगे झुकने की किसी भी संभावना से इंकार के ही संकेत दिए। इस मौके पर उनके साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, बीजेपी जिलाध्यक्ष वेद फुलां, राज्यमंत्री कृष्ण बेदी, नायब सैनी सहित अनेक बीजेपी नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।