अतिथियो! आप दोबारा हरियाणा आना, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के इस आह्वान के साथ ही सोमवार को 21वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का रंगारंग समापन हो गया। समारोह में देश के सभी राज्यों से आए प्रतिभागियों ने सामूहिक प्रस्तुति देकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश दिया।
इनकी प्रस्तुतियों से लग रहा था कि पूरे देश की संस्कृति एक साथ एक मंच पर उतर आई है। इसे देखकर लोगों को लघु भारत का एहसास हो रहा था। महोत्सव की प्रतियोगी स्पर्धाओं में टॉप थ्री में शामिल होने वाले विजेताओं की घोषणा कर स्टेज पर उन्हें सम्मानित किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने हरियाणवी संस्कृति को दर्शाते हुए एक हरियाणा एक हरियाणवी का नारा बुलंद किया।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के खेल परिसर में बने मुख्य स्टेज पर मुख्य अतिथि राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्यमंत्री विजय गोयल, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर और एमडीयू कुलपति प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर समापन कार्यक्रम की शुरूआत की।
इसके बाद कवि गजेंद्र सोलंकी ने अपनी कविताओं से देश प्रेम को दर्शाया। पाकिस्तान को हरकतों से बाज आने के लिए चेताया। इसके बाद मेरठ से आए कवि डॉ. हरिओम पंवार ने अपनी कविताओं से युवाओं में देशप्रेम का जोश भरा।
निर्धारित समय से करीब एक घंटा लेट पहुंचे राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने सभी अतिथियों को बधाई दी। स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस पर हुए महोत्सव पर उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि उनके दिखाए मार्ग का अनुसरण करें। इसके बाद 18 प्रतियोगी स्पर्धाओं के विजेताओं की घोषणा की गई। फिर सभी को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।
आखिर में ग्रांड फिनाले की बेहतरीन प्रस्तुति दी गई। सभी प्रदेशों से आए प्रतिभागी अपने-अपने पारंपरिक परिधान पहनकर स्टेज पर पहुंचे और सभी सामूहिक प्रस्तुति देकर एकता और अखंडता का संदेश दिया। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बॉडी बिल्डर विक्रम सहरावत ने अपनी टीम के साथ प्रदर्शन किया।
विजेताओं को दिया गया कैशलेस इनाम
कैशलैस
समारोह के दौरान नेहरू युवा केंद्र, जिला प्रशासन, पुलिस और एमडीयू के प्रशासनिक अधिकारियों को भी स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सचिव एके दूबे, खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. केके खंडेलवाल, मंडलायुक्त चंद्रप्रकाश, आईजी नवदीप विर्क, खेल विभाग हरियाणा के निदेशक जगदीप सिंह, उपायुक्त अतुल कुमार, एसपी पंकज नैन, आयोजन सचिव डॉ. जगबीर राठी आदि मौजूद रहे।
विजेताओं को दिया गया कैशलेस इनाम
स्वर्ण जयंती वर्ष के चलते प्रदेश सरकार ने महोत्सव के विजेताओं को मिलने वाली राशि को दोगुना करने की घोषणा की। इसके बाद स्टेज पर विजेताओं को केवल प्रमाण पत्र दिए गए।
प्रतिभागियों की टीम के इंचार्ज को बताया गया कि प्रथम विजेता को 31 हजार और द्वितीय विजेता को 21 हजार रुपये उनके खातों में भेज दिए जाएंगे। बता दें कि महोत्सव की एक थीम डिजिटल इंडिया भी थी।
इसके तहत महोत्सव में कैशलेस को बढ़ावा दिया जा रहा था। इसी के तहत विजेताओं को कैशलेस इनाम दिए गए। वहीं, हरियाणवी संस्कृति को लेकर कार्य करने वाले राघवेंद्र मलिक को भी स्टेज पर सम्मानित किया गया और मुख्यमंत्री की ओर से दो लाख रुपये देने की घोषणा की गई।
...जब बाहर नहीं निकलने दिए दर्शक
महोत्सव के दौरान हर रोज अलग नजारा देखने को मिला। पिछले तीन दिन से प्रस्तुत किए जा रहे कार्यक्रमों को देखने के लिए दर्शकों की भीड़ को एंट्री लेने के लिए खासी जद्दोजहद करनी पड़ रही थी। सोमवार को मुख्य स्टेज के सभी गेट इसलिए बंद कर दिए गए कि दर्शक बाहर न जा सकें।
दरअसल, कार्यक्रम के बीच में ही कुछ दर्शक उठकर जाने लगे। कुर्सियां खाली होती देख पुलिसकर्मियों को कहा गया कि फिलहाल किसी को बाहर न जाने दिया जाए। कुछ देर के लिए सभी गेट बंद कर दो। तब जाकर सभी दर्शक फिर से पांडाल के अंदर बैठे।