सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश के पांचवें जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में अफसरशाही पर नकेल कसते हुए डीएफएससी, डीएफएसओ व तहसीलदार पानीपत को सस्पेंड का दिया।
डीएफएससी व डीएफएसओ को खाद्य सुरक्षा योजना में लापरवाही बरतने और तहसीलदार को पेंडिंग जांच में निलंबित किया है। सीएम की ओर से पहली बार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने पर बाकी जिलों के लापरवाह अधिकारियों की धड़कनें तेज हो गईं है।
सीएम ने रविवार को लघु सचिवालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में सीएम ने कई आला अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। सीएम के सामने खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन वितरण में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया।
सीएम ने मामले में डीएफएससी व डीएफएसओ से रिपोर्ट मांगी लेकिन वे स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके। सीएम ने अधिकारियों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई करते हुए डीएफएससी दिलबाग सिंह दून तथा डीएफएसओ अशोक शर्मा को सस्पेंड कर दिया।
इसी दौरान एक मामले में सीएम ने तहसीलदार पानीपत से रिपोर्ट मांगी। उनकी रिपोर्ट पर सीएम ने असंतोष जताया और पुरानी रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार सुरेश कुमार को भी सस्पेंड कर दिया। तहसीलदार सुरेश कुमार पर अवैध कॉलोनी में पावर ऑफ अटार्नी के आधार पर रजिस्ट्री देने का आरोप था।