कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो)
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दुष्कर्म के मामलों में सुनवाई में देरी पर चिंता जाहिर करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने तेजी से मुकदमे चलाने के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश कृष्ण मुरारी से फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की अपील की है। इस बाबत लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने तेजी से सुनवाई के लिए हाईकोर्ट को अपने अधिकार क्षेत्र की अदालतों को भी सलाह देने की गुजारिश की है।
संगरूर पुलिस द्वारा धुरी में नाबालिग के साथ दुष्कर्म के केस में सात दिन में चार्जशीट दायर करने के बाद मुख्यमंत्री ने लिखे पत्र में कहा है कि इन मामलों में तेजी से मुकदमा चलाया जाना जरूरी है, ताकि पीड़ितों को जल्द न्याय मिल सके। पत्र में उन्होंने क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की धारा 173 (1-ए) के संशोधित प्रावधानों की तरफ चीफ जस्टिस का ध्यान आकर्षित कराया है।
पंजाब में तय समय में मामलों की जांच का निर्देश है
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य पुलिस को ऐसे जुर्मों से संबंधित मामलों की जांच निर्धारित समय सीमा में करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। यह देखा गया है कि ऐसे मामलों में जांच समय पर पूरी होने के बावजूद अदालत का फैसला आने में ज्यादा समय लग जाता है।
इससे पीड़ितों को न्याय में देरी के कारण आम लोगों को ठेस पहुंचती है और यह महसूस किया जा रहा है कि ऐसे मामले खासकर दुष्कर्म से संबंधित मामलों में मुकदमा बिना किसी देरी के तेजी से चलाया जाना चाहिए।