सीएम ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पंजाब और चंडीगढ़ में केंद्र सरकार की संस्थाओं को टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पंजाब ने अब तक 40962 टेस्ट किए हैं। इस समय पर टेस्टों की दर प्रतिदिन 2500 है और राज्य सरकार ने महीने के अंत तक प्रति दिन टेस्ट 6000 तक बढ़ाने की योजना बनाई है।
कैप्टन ने पंजाब द्वारा साफ-सफाई के नियमों और सामाजिक दूरी को मुकम्मल रूप में अपनाते हुए 115 लाख टन गेहूं की खरीद करने का भी जिक्र किया। उन्होंने मोदी से धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य और किसानों द्वारा धान की पराली न जलाने के लिए वित्तीय रियायत का अग्रिम एलान करने की भी अपील की।
पंजाब को हर माह 3000 करोड़ का राजस्व घाटा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि पंजाब को प्रति माह 3000 करोड़ का राजस्व घाटा सहन करना पड़ रहा है। अप्रैल महीने में आमदनी 88 फीसदी कम रही। इसके साथ ही पंजाब पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड को रोजाना 30 करोड़ का घाटा हो रहा है, जो 30 फीसदी बनता है। उन्होंने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के जीएसटी के बकाया 4365.37 करोड़ रुपये तुरंत जारी करे।
महामारी के कारण हालात में आए बदलाव को देखते हुए 15वें वित्त आयोग को चालू वर्ष के लिए अपनी रिपोर्ट की समीक्षा करने के साथ-साथ पांच वर्षों के लिए फंडों के वितरण की सिफारिश को 2020 की बजाय 1 अप्रैल, 2021 से शुरू करना चाहिए। इसके लिए आयोग की समय सीमा एक और वर्ष के लिए बढ़ानी चाहिए।
कैप्टन ने दोहराई राज्यों की कर्ज सीमा बढ़ाने की मांग
कैप्टन ने प्रधानमंत्री से यह भी अपील की कि राज्यों को अपनी वित्तीय जिम्मेदारियां निभाने के योग्य बनाने के लिए कर्ज सीमा राज्यों के कुल घरेलू उत्पादन की 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी की जाए।