पंजाब सीएम बादल की ऑर्बिट बस में छेड़छाड़ के बाद मारी गई नाबालिग लड़की अर्शदीप का परिवार लापता हो गया है। यह जानकारी जस्टिस वीके बाली ने दी। मामले को लेकर आयोग ने जेल में बंद चारों आरोपियों से भी पूछताछ की।
इसके बाद हादसे की जगह का जायजा लेकर आयोग पीड़ित परिवार के घर भी गया, लेकिन वहां ताला लगा था। जिला पुलिस प्रमुख चरनजीत सिंह ने कहा कि पीड़ित परिवार का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पत्रकारवार्ता में आयोग प्रमुख जस्टिस वीके बाली और आयोग के रजिस्ट्रार (सेवानिवृत्त जिला एवं सेशन जज) सीआर गोयल ने बताया कि आयोग ने लगभग 15 दिन पहले इस मामले की जांच शुरू की है। पंजाब सरकार ने आयोग को 3 माह में जांच पूरी करने का समय दिया है।
मृतका के परिवार समेत 11 के बयान दर्ज
जस्टिस बाली ने बताया कि दो दिन की जांच में मृतक नाबालिग की दादी सुरजीत कौर, पुलिस, बस में सवार लोगों समेत 11 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं।
उन्होंने बताया कि स्थानीय सब जेल में बंद चारों आरोपियों बस चालक रणजीत सिंह, कंडक्टर सुखविंदर सिंह, हेल्पर (हाकर) गुरदीप सिंह और अमर राम उर्फ दाना से भी पूछताछ की गई।
साथ ही बाघापुराना के पास गांव गिल में हादसे वाली जगह का भी जायजा लिया गया। आयोग ने पीड़ित महिला छिंदर कौर, उसके पति सुखदेव सिंह की रिहायश गांव लंढेके में पहुंच कर उनके साथ संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन घर को ताला लगा हुआ था।
मोबाइल फोन पर भी नहीं आ रहा मृतका का परिवार
उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार के रिश्तेदारों ने जानकारी दी कि वह बाहर हैं। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार से संपर्क करने की बहुत कोशिश की। महिला के पति सुखदेव सिंह का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के घर में तैनात सुरक्षा आरोपियों और रिश्तेदारों ने बताया कि पीड़ित महिला और उसके पति को आयोग के आने की जानकारी थी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के लापता होने पीछे क्या कारण है, इस बारे कुछ नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने पुलिस की जांच पूरी होने और आरोपियों के खिलाफ अदालत की तरफ से आरोप तय करने बारे में बताया कि इस जांच का अदालत में चल रही सुनवाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। पीड़ित परिवार के घर से गायब होने के कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह है मामला
बीती 29 अप्रैल की शाम को थाना बाघापुराना के अधीन गांव गिल के पास बादल परिवार की मालकी वाली बस कंपनी ऑर्बिट में छेड़छाड़ के बाद चलती बस से फेंकने पर नाबालिग लड़की अर्शदीप कौर की जान चली गई थी। उसकी मां छिंदर कौर गंभीर घायल हो गई थी।
इस मामले की पुलिस जांच पूरी हो चुकी है और आरोपियों के खिलाफ अदालत ने आरोप भी तय कर दिए हैं। इस केस की सुनवाई एडिशनल जिला एवं सेशन जज गुरजंट सिंह की अदालत में चल रही है। अगली सुनवाई के लिए 2 नवंबर तय है।