कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह जनता में पैदा हुई नफरत और नाराजगी का ही नतीजा है कि बादल परिवार अब इस कदर खौफ में है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को खुद के लिए प्रधानमंत्री के बराबर, सुखबीर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया के लिए जेड प्लस सुरक्षा हासिल करने के लिए केंद्र सरकार तक पहुंच करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष मंगलवार को भुच्चो मंडी में आयोजित हलके में कैप्टन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। प्रेसवार्ता को संबोधन करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह उस समय हैरान हो गए जब यह खबर पढ़ी कि खुद के लिए प्रधानमंत्री के बराबर की सुरक्षा और सुखबीर बादल व बिक्रम सिंह मजीठिया के लिए जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बीते दिनों केंद्र सरकार के नाम एक विशेष पत्र लिखा। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन के अनुसार बादल को एक तरह से पंजाब पुलिस पर विश्वास नहीं है, जो वह खुद कमांड कर रहे हैं।
‘बादल ने अपने, सुखबीर और मजीठिया के लिए केंद्र से मांगी सुरक्षा’
कैप्टन अमरिंदर सिंह
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आम आदमी पार्टी में हो रह तनातनी पर टिप्पणी करते कैप्टन ने कहा कि उनको इस बात की खुशी है कि इस पार्टी के साथ जुडे़ गैरतमंद पंजाब के नेताओं ने अन्य प्रदेशों से आई उस गैर पंजाबी लीडरशिप की अधीनगी कबूलने से इंकार करने का हौसला दिखाया है, जो न सिर्फ विपरीत तरीके से पंजाब पर शासन करने की इच्छुक है। बल्कि इस सरहदी प्रदेश के हितों के साथ भी उसका टकराव है। गैर पंजाबी 52 नेताओं को वापस बुलाने की खबर पर प्रतिक्रम देते कैप्टन ने कहा कि पंजाब इकाई की केजरीवाल की ओर से खुद कमांड संभालने की प्रगट की गई इच्छा भी काफी खतरनाक है।
कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर सबके लिए शिक्षा और सेहत सेवाएं, हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी के अलावा कर्ज बदले किसी भी किसान की जमीन की निलामी न होने की गारंटी के साथ-साथ वह सरकारी और गैर सरकारी कर्ज का पक्के तौर पर निपटारा करेंगे। यह पूछने पर कि इन कामों के लिए पैसा कहां से आएगा तो कैप्टन ने कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ हो तो सब कुछ हो सकता है और कभी भी पैसे की कमी नहीं आ सकती।
नशे के बारे में कैप्टन ने कहा कि अध्यक्षता संभालते समय जो कसम उन्होंने खाई थी उस पर खरा उतरते हुए वह सरकार बनने पर चार सप्ताह में प्रदेश को नशा मुक्त कर देंगे। कपास की तबाही के लिए उन्होंने कृषि मंत्री को जिम्मेवार ठहराया।