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कैप्टन बोले- छठा वेतन आयोग इसी साल होगा लागू, किसानों से मुफ्त बिजली सुविधा वापस नहीं ली जाएगी 

Wed, 26 Feb 2020 09:46 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैप्टन अमरिंदर सिंह । - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एलान किया कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को अमल में लाने का काम प्रगति पर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वेतन आयोग की सिफारिशें चालू वर्ष में ही लागू हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के भाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलते हुए यह भी घोषणा की कि आरक्षण नीति जिसमें प्रमोशन में आरक्षण भी शामिल है, राज्य में आगे भी जारी रहेगा। 

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इसे खत्म करने का सवाल ही पैदा नहीं होता। विधानसभा में इस मुद्दे पर कुछ विधायकों की ओर से व्यक्त की शंकाओं पर विराम लगाते हुए कैप्टन ने कहा कि जब राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है कि आरक्षण नीति जारी रहेगी, उन्हें समझ नहीं आ रहा कि विपक्ष इस मुद्दे को बार-बार क्यों उठा रहा है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए न केवल शिक्षा संस्थाओं में आरक्षण को बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की श्रेणी का दायरा सालाना 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया गया है। यानी 8 लाख रुपये सालाना आय वाले अब आरक्षण के हकदार होंगे। 
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किसानों से मुफ्त बिजली सुविधा वापस नहीं ली जाएगी 
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि जब तक उनकी सरकार है, तब तक किसानों को मिलने वाली मुफ्त बिजली की सुविधा वापस नहीं ली जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य में अनाज की निर्विघ्न खरीद जारी रखने की अपनी वचनबद्धता भी दोहराई। साथ ही, केंद्र सरकार से अपील की कि एमएसपी आधारित अनाज की खरीद बंद न की जाए, क्योंकि इससे किसानों की रोजी-रोटी पर बुरा प्रभाव पड़ेगा और देश के अन्न भंडार भी प्रभावित होंगे। 

कोरोना वायरस के कारण अटकी मुफ्त स्मार्टफोन की स्कीम 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्टफोन के लिए चीन को आर्डर दिए जा चुके हैं, लेकिन बदकिस्मती से कोरोना वायरस के कारण इसमें देरी हो रही है। जैसे ही चीन स्मार्टफोन भेजने के योग्य हो जाएगा, उनकी सरकार वादे के अनुसार इसका वितरण शुरू कर देगी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा कुछ सदस्यों द्वारा उठाया गया था क्योंकि स्मार्टफोन देने का वादा उनकी पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र का हिस्सा था। 

अब तक 5.62 लाख किसानों का 4603 करोड़ रुपये कर्ज माफ  
उन्होंने कर्ज माफी का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 5.62 लाख योग्य किसानों का 4603 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज माफ किया गया है, जबकि बाकी किसानों को जल्द राहत दी जाएगी। इसके लिए वित्त मंत्री द्वारा शुक्रवार को बजट में उपबंध किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने फसलीय विभिन्नता की कोशिशों को नाकाफी बताते हुए कहा कि वित्त मंत्री अपने बजट में मक्का की काश्त से फसलीय विभिन्नता के लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापक स्कीम का एलान करेंगे।

राज्य की शांति भंग करने वालों से सख्ती से निपटेंगे 
मुख्यमंत्री ने एलान किया कि पाकिस्तान के शह प्राप्त आतंकवादियों और गैंगस्टरों से कठोरता से निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अल्पसंख्यकों, कमजोर वर्गों और महिलाओं समेत समाज के प्रत्येक वर्ग की सुरक्षा के लिए डटकर काम कर रही है। शांति को यकीनी बनाए बिना राज्य में निवेश या औद्योगिक विकास संभव नहीं हो सकता। 

राज्य आतंकवाद के कठिन दौर से गुजरा है। वह किसी भी सूरत में राज्य की शांति को फिर भंग करने की इजाजत नहीं देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2017 से लेकर पंजाब पुलिस ने 2378 गैंगस्टरों को प्रभावहीन किया, 1349 हथियार बरामद किये, छीने गए 614 वाहन बरामद किए और 32 आतंकवादी गिरोह पकड़े गए।

बजट और ग्रांट के लिए अनुपूरक मांगें विधानसभा में पेश करने की दी मंजूरी

पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को कैग की लेखा रिपोट समेत 2019-20 के लिए ग्रांट संबंधी मांग और 2020-21 के लिए बजट अनुमान सदन में पेश करने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने 31 मार्च, 2018 के लिए कैग की लेखा रिपोर्टों, वित्तीय लेखा और विनियोजन लेखा पेश करने की मंजूरी दी है।

2017-18 के लिए पंजाब सरकार के (राजस्व, वित्त, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं) की लेखा रिपोर्ट कैग राज्य सरकार को भेज चुका है, जो सदन में पेश की जाएंगी। भारतीय संविधान की धारा 203 के क्लॉज में दर्ज उपबंधों के मुताबिक, मंत्रिमंडल ने 2019-20 के लिए पंजाब सरकार की ग्रांटों संबंधी अनुपूरक मांगें पेश करने की मंजूरी दी है। इसी तरह साल 2020-21 के लिए पंजाब सरकार के बजट अनुमान विधानसभा में पेश करने की भी मंजूरी दे दी है।

लीडरशिप ट्रेनिंग के लिए पंजाब सरकार और सीआईजी सिंगापुर में समझौता

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की मौजूदगी में बुधवार को पंजाब विधानसभा में पंजाब सरकार और शैंडलर इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेंस (सीआईजी) सिंगापुर के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत मैगसीपा में अधिकारी के लिए लीडरशिप ट्रेनिंग की गतिविधियों और सामर्थ्य को उभारने के लिए रूपरेखा तैयार की जानी है। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह हिस्सेदारी पंजाब को भविष्य के वैश्विक निवेश केंद्र के तौर पर दर्शाने पर भी ध्यान केंद्रित करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि सीआईजी का भारत में यह पहला समझौता है। प्रशासनिक सुधारों संबंधी पंजाब के डायरेक्टर परमिंदर पाल सिंह और सीआईजी के कार्यकारी डायरेक्टर वू वी नैंग ने हस्ताक्षर किया। सीआईजी सिंगापुर का एक स्वतंत्र, निष्पक्ष संगठन है जो सामर्थ्य विकास, प्रोग्राम और ट्रेनिंग, स्रोत, सलाहकार और अनुसंधान के साथ-साथ विश्वभर की सरकारों को सहयोग देता है।

इस मौके पर कैप्टन ने कहा कि यह समझौता महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मैगसिपा) में ट्रेनिंग ले रहे अधिकारियों में नेतृत्व और ट्रेनिंग की योग्यता बढ़ाने के अलावा राज्य में निवेश को उत्साहित करने संबंधी उनकी सरकार की कोशिशों को और बढ़ावा देगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य सरकार और सीआईजी इस समझौते के कारण राज्य के प्रशासन में सुधार लाने के लिए हरसंभव यत्न करेंगे।
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ड्रग संबंधी सीलबंद रिपोर्ट खुलवाए सरकार : चीमा

पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को सदन में शून्य काल के दौरान, राज्य में नशा तस्करों पर नकेल कसने के लिए मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में डीजीपी एसएस चटोपाध्याय द्वारा नशा तस्करी संबंधी दायर की गई सीलबंद रिपोर्ट को विशेष रिट पिटीशन के जरिये खुलवाया जाए।

चीमा ने कहा कि राज्य में नशे और नशा तस्करी के साथ जुड़ी बड़ी मछलियों को पकड़ने के लिए वह नाम सार्वजनिक होने जरूरी हैं, जो चटोपाध्याय की सीलबंद रिपोर्ट में दर्ज हैं। आप विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर ने शून्य काल के दौरान लंबे समय से संगरूर में नौकरी के लिए धरना लगाकर बैठे ईटीटी, बीएड और टैट पास अध्यापकों का मुद्दा उठाते हुए इन योग्य नौजवानों को तुरंत नौकरी देने की मांग की।
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