सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब व अन्य राज्यों में कांग्रेस द्वारा कर्ज माफी के एलान पर सुखबीर बादल की टिप्पणी को राजनीतिक ड्रामेबाजी करार दिया है। उन्हें नसीहत दी है कि राजनीतिक रणभूमि में अकाली दल का अस्तित्व कायम रखना है तो उन्हें नौटंकी छोड़ देनी चाहिए। कैप्टन ने कहा कि अपने शासन काल के दौरान सुखबीर ने किसानों को उनके हकों से वंचित रखा, अब उनकी भावनाओं से खेल रहे हैं।
किसानों को गुमराह करने की निराशाजनक कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहले ही वादा किया था कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। कांग्रेस लीडरशिप द्वारा अपना चुनावी वादा पूरा करने से अकाली-भाजपा गठबंधन बौखलाया हुआ है। उन्होंने कहा कि दस सालों में तो बादलों को किसानों की हालत का अहसास नहीं हुआ, अब मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं।
सुखबीर के आरोपों का आंकड़ों के साथ जवाब देते हुए कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार ने गंभीर वित्तीय संकट के बावजूद किसानों का कर्ज माफ किया। किसानों ने इसे सराहा, पूरे मुल्क में प्रशंसा हुई। इसी मॉडल को अब कांग्रेस शासित तीनों राज्यों में लागू किया गया। सीएम ने दावा किया कि उनकी सरकार ने अब तक 428246 किसानों के कर्जों पर 3595.04 करोड़ की राहत दी है।
अब 159632 छोटे किसानों को राहत देने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से सहकारी बैंकों से जुड़े 317965 किसानों को 1815.78 करोड़ और व्यापारिक बैंकों के 110281 किसानों को 1779.26 करोड़ की राहत दी गई है। इन तथ्यों को सुखबीर या कोई भी रद नहीं कर सकता है। सीएम ने कहा कि शिअद और उनकी लीडरशिप संकट से घिरी है, इसलिए सुखबीर झूठ का सहारा ले रहे हैं। अकाली दल और उसकी सहयोगी भाजपा पंजाब में हाशिए पर पहुंच गए हैं। जिस कारण सुखबीर राजनीतिक अलगाव से बचने को हाथ-पैर मार रहे हैं।