सीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार केंद्र से सिफारिश करेगी, क्योंकि किसानों को जमीन का मुआवजा केंद्र सरकार ही देगी। वहीं किसानों का कहना था कि पंजाब सरकार ने अभी तक उनकी जमीनों के लिए उचित मुआवजा देने का कोई एलान नहीं किया है। इस मौके पर कैप्टन ने कहा कि वह पहली बार डेरा बाबा नानक 1965 में आए थे और तब वह फौज में थे।
कैप्टन ने कहा कि कॉरिडोर को लेकर 14 मार्च को दोनों देशों के अधिकारियों की मीटिंग होने वाली है। जिसका मकसद गुरु पर्व पर लांघे को खुलवाना है। कैप्टन ने आगे कहा कि अब सीमा पर हालात तो बदल गए हैं लेकिन कोई गड़बड़ होती है तो वह डेरा बाबा नानक के लोगों के साथ बॉर्डर पर खड़े रहेंगे। कैप्टन ने बताया कि पहले पाकिस्तान ने कहा था कि केवल 500 लोग ही श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए जाएंगे, लेकिन पंजाब सरकार ने 50 हजार श्रद्धालुओं के दर्शन की मांग रखी है। इसके लिए केंद्र को चिट्ठी भी लिख दी है।
पटियाला में अपनी मांगों के लिए नर्सों द्वारा टंकी पर चढ़ने के सवाल पर सीएम ने कहा कि मांगें मनवाने का ये कोई तरीका नहीं है। वह क्यों अपना नुकसान करवा रहे हैं। ऐसे हल नहीं निकलते। वह खुद चाहते हैं कि हल निकले, लेकिन यह गलत तरीका है। इस संबंध में कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि डेढ़ करोड़ की लागत से बनने वाले पार्क का टेंडर पास हो गया है, उसका काम शुरू किया जा रहा है। कुल 8 करोड़ की लागत से डेरा बाबा नानक में विकास का काम किया जाना है।