चंडीगढ़। पुलिसकर्मी बनकर शहर की महिलाओं के गहने ठगने के मामले में पुलिस के हाथ अहम सुराग लगे हैं। चार लोगों का गिरोह शहर में आकर यह वारदात करता है और भाग निकलता है। जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य जलगांव (महाराष्ट्र) के इरानी गैंग से जुड़े हैं और मोटरसाइकिल से यहां आते हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस इस गैंग के सदस्यों की पहचान कर चुकी है और जल्द ही इन्हें गिरफ्तार कर लेगी। वारदात स्थल और आसपास की सीसीटीवी फुटेज को जांच का आधार बनाया गया था। पुलिस के मुताबिक, गिरोह एक बार वारदात को अंजाम देने के एक से दो महीने बाद दोबारा आता है और फिर शिकार ढूंढता है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कई लोग बहुत पहले भोपाल से जलगांव शिफ्ट हुए थे। इनमें से ही कुछ ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गिरोह में कई युवा शामिल हैं। यह गिरोह महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ में आकर वारदात करता है। गिरोह को पकड़ने के लिए चंडीगढ़ पुलिस अन्य राज्यों की पुलिस के साथ लगातार संपर्क में है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस के हाथ गिरोह के सदस्यों की तस्वीरें भी लगीं हैं। गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस छापामारी कर रही है।
गिरोह ऐसे करता है वारदात
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य नकली पुलिसकर्मी बनकर अपना शिकार चुनते हैं। वारदात के बाद गहने लेकर एक सदस्य अलग दिशा में निकलता है और बाकी अगल दिशा में। बीते एक मई को इस गिरोह ने चंडीगढ़ में दो महिलाओं को अपना शिकार बनाया है। इनमें एक पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की एक लाइब्रेरियन हैं। वारदात वाले दिन लाइब्रेरियन अपने दफ्तर जा रही थीं। सेक्टर-42 में अटावा चौक के पास गिरोह के दो सदस्य पुलिसकर्मी बनकर उसके पास आए और कहा कि सुरक्षा के लिए लिहाज से वह अपने गहने उतार दें। साथ ही डराया कि हाईकोर्ट के पास एक महिला की गहने लूट के चक्कर में हत्या हो गई है। दोनों ने कहा कि उन्हें अपने गहने पर्स में डाल लेने चाहिए। महिला के गहने पर्स में डालने के बहाने दोनों ने गहने उड़ा लिए। दफ्तर पहुंचकर जब लाइब्रेरियन ने देखा तो पर्स में गहने नहीं थे। उन्होंने सेक्टर-36 थाने में शिकायत दी। उसी दिन सेक्टर-19 में एक अन्य महिला को इस गिरोह ने शिकार बनाया। बीते वर्ष दिसंबर में भी सेक्टर-23 और सेक्टर-29 के साईं मंदिर के पास दो बुजुर्ग महिलाओं को गिरोह ने अपना शिकार बनाया था। उन्हें भी झांसा देकर उनके गहने उतरवाकर ठगा गया था।