हरियाणा सरकारी कार्य में अधिक पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए एक जनवरी 2021 से सभी भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) ऑनलाइन दिए जाएंगे। नागरिक को कार्यालयों से संपर्क नहीं करना होगा। यदि 30 दिनों के भीतर विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन पर किसी प्रकार का रिस्पॉन्स नहीं मिलता तो उस स्थिति में 30 दिनों के बाद सीएलयू की डीम्ड स्वीकृति मानी जाएगी।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सूक्ष्म सिंचाई से हर खेत में पानी योजना की घोषणा की है। इसके तहत किसानों को उनके खेत पर ही नहरी पानी आधारित व सीवरेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) द्वारा उपचारित पानी सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के माध्यम से उपलब्ध होगा। इसकी शुरुआत पहली जनवरी 2021 से पॉयलट परियोजना के आधार पर किसानों के पंजीकरण के साथ होगी। इसमें नौ सीवरेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) के अलावा महेंद्रगढ़ (नारनौल), चरखी दादरी, भिवानी व फतेहाबाद जिलों की नहरों को चयनित किया गया है।
परियोजना के पहले चरण में लगभग 600 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी। शुक्रवार से हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग एवं हरियाणा लोक सेवा आयोग में नौकरियों के आवेदन के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो जाएगी। इसके तहत सरकारी पदों के लिए आवेदन करने वाले आवेदकों को 1 जनवरी 2021 से अलग-अलग पद के लिए अलग भुगतान नहीं करना होगा।
आवेदक का एक बार पंजीकरण होगा और तीन साल में एक बार ऑनलाइन शुल्क देना पड़ेगा। हालांकि, तीन साल बाद यदि कोई आवेदक सरकारी पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा देना चाहता है तो उसे नए सिरे से पंजीकरण करना होगा। सी व डी श्रेणी कर्मचारियों के लिए कॉमन कैडर होगा। इन वर्ग में नियुक्तियों के लिए मैरिट के आधार पर साल में एक बार कॉमन एंट्रेंस टेस्ट लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सरकार दो बार भी करा सकती है।
हरियाणा के 27 लाख पेंशनधारकों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन में पहली जनवरी से 250 रुपये इजाफा नहीं होगा। कोरोना के कारण सरकार को वर्तमान समय तक 12 हजार करोड़ रुपये कम राजस्व आया है। पेंशन में वृद्धि को लेकर सीएम मनोहर लाल वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। सीएम मनोहर लाल ने बताया कि कोरोना के कारण आर्थिक नुकसान सरकार को हुआ है। बावजूद इसके न तो किसी की पेंशन रोकी न कोई अन्य वित्तीय लाभ। जितना राजस्व सरकार को अभी तक आना था, उतना नहीं आ पाया।
अभी वित्तीय नुकसान की भरपाई में काफी पीछे हैं। पेंशन वृद्धि कब तक व किस स्वरूप में होगी, इसे लेकर वित्त विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। हरियाणा सरकार ने सत्ता में आने के बाद हर साल पेंशन में 250 रुपये वृद्धि करने का फैसला लिया था। बीते वर्ष तो बढ़ोतरी हो गई लेकिन इस बार कोरोना ने पेंच फंसा दिया।
सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की तरफ से वित्त विभाग को बाजार सूचकांक अनुसार पेंशन वृद्धि का प्रस्ताव भेजा था लेकिन वित्तीय घाटे के कारण फाइल अभी अटकी हुई है। हरियाणा में 27,39,365 पेंशन लाभार्थी हैं, जिनमें करीब 16.55 लाख बुढ़ापा और लगभग 7.21 लाख बेसहारा विधवा पेंशन धारक हैं। शेष लाभार्थी आठ अन्य वर्गों के हैं।