सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ में आज (शुक्रवार) को दिन की शुरुआत खिली धूप के साथ हुई। हालांकि सुबह आसमान पर हल्के बादल छाए हुए थे। दिन चढ़ने के साथ बादल छंट गए और तेज धूप निकल आई है। इससे एक दिन पहले वीरवार को शहर में अच्छी बारिश हुई और दिनभर मौसम सुहाना बना रहा। हालांकि, ऑरेंज अलर्ट के बीच 10 मिलीमीटर से भी कम बारिश दर्ज की गई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है। वहीं, सुखना लेक का जलस्तर खतरे के निशान से महज .60 फीट दूर रह गया है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस मानसून सीजन में अब तक कुल 46.7 प्रतिशत बारिश हुई है, जबकि एक सप्ताह पहले यह आंकड़ा लगभग 67 प्रतिशत था। इस बार मानसून की रफ्तार धीमी रही है, जिससे बारिश का कुल आंकड़ा भी कम होता जा रहा है। पिछले 24 घंटों में शहर में 9.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
सुबह मौसम सुहाना, दोपहर में धूप ने किया परेशान
वीरवार की सुबह हुई बारिश से गर्मी और उमस से राहत मिली, जिससे मौसम सुहाना बना रहा। हालांकि, दोपहर करीब 2 बजे तेज धूप निकल आई जिससे एक बार फिर लोगों को गर्मी और उमस का अहसास हुआ। शाम को सूर्यास्त के बाद ही कुछ राहत महसूस हुई।
सुखना झील का जलस्तर खतरे के निशान के करीब
चंडीगढ़ के लिए सुखना लेक का बढ़ता जलस्तर है। वीरवार को यूटी प्रशासन के इंजीनियरों की टीम ने लेक का दौरा किया और पाया कि जलस्तर 1162.40 फीट तक पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 1163 फीट से महज 0.60 फीट ही दूर है। आमतौर पर 1163 फीट पर फ्लड गेट खोल दिए जाते हैं। हालांकि 1162.80 फीट पर भी गेट खोलने पर विचार किया जा सकता है।
जलस्तर पर लगातार निगरानी
पहाड़ों पर हो रही लगातार और तेज बारिश के कारण सुखना का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। पिछले कुछ वर्षों से लगातार जलस्तर 1163 फीट के पार पहुंच रहा है, जिसके कारण फ्लड गेट खोलने पड़ते हैं। प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से झील के जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है। अब अगर पहाड़ों पर एक भी दिन और तेज बारिश हुई तो सुखना के फ्लड गेट खोलने पड़ सकते हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी छोड़े जाने की संभावना बढ़ जाएगी।