स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र सरकार की तरफ से चल रहे स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ शहर अभी तक अव्वल है। 500 शहरों को पछाड़कर अलीगढ़ ने यह मुकाम हासिल किया है।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी रैंकिंग में टॉप दस में गुरुग्राम व चंडीगढ़ भी शामिल हैं। दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र का शहर बसई-बिरार है। मंत्रालय अधिकारियों का कहना है कि सर्वे अभी चल रहा है। इसके तहत आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) गतिविधियों का परिणाम जारी किया गया है।
शहरी विकास मंत्रालय का 500 शहरों में स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 चल रहा है। इसके तहत पंद्रह दिवसीय जागरूकता गतिविधियों में अलीगढ़ सबसे आगे हैं। शहर में सूचना, शिक्षा और संचार जैसी जागरूकता गतिविधियां बेहतर तरीके से चल रही हैं।
मंत्रालय ने जारी की शहरी क्षेत्रों की रैंकिंग
स्वच्छ भारत मिशन
इस बारे में मंत्रालय ने सभी 500 शहरों से अपने इलाके के पार्कों, सरकारी कार्यालयों, आवासीय कालोनियों, पर्यटन स्थलों, स्कूलों आदि की साफ-सफाई और सफाई कामगारों के कल्याण के बारे में आंकड़ों के साथ रिपोर्ट पेश करने को कहा था। रिपोर्ट का मूल्यांकन क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया ने किया।
मंत्रालय अधिकारियों का कहना है कि इस आधार पर अलीगढ़ का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। इसके बाद के 10 शहर वसई-विरार (महाराष्ट्र), हैदराबाद, गुरुग्राम, चंडीगढ़, मदुरै (तमिलनाडु), वडोदरा और राजकोट (गुजरात), तिरुपति (आंध्र प्रदेश) और मैसूर (कर्नाटक) थे। इन शहरों को 50 फीसदी का वेटेज दिया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, शहरी विकास मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में शामिल सभी 500 शहरों को बता दिया गया है कि रैंकिंग के अधीन आईईसी घटक के लिए बाकी 50 फीसदी वेटेड की गणना बुधवार से शुरू स्वच्छता पखवाड़े की गतिविधियों पर दी जाएगी। इसमें व्यक्तिगत, समुदाय और सार्वजनिक शौचालयों पर ज्यादा जोर दिया गया है। सर्वेक्षण का अंतिम परिणाम अगले साल जनवरी में जारी होगा।