‘रिमझिम के गीत सावन गाए’... गीत को जब गायिका सुखना और चंदकांत ने राग शिवरंजनी में गाया, तो सुर और सुरीली हो गए। पुराने गीतों के क्लासिकल म्यूजिक खासकर राग के फ्यूजन के साथ सुरों की यह महफिल रविवार को टैगोर थियेटर सेक्टर-18 में एआर म्यूजिक किएशंस और अमर उजाला के सहयोग से आयोजित की गई।
सुरीला सफर (सात सुरों का बहता दरिया) नामक इस कार्यक्रम में शहर और पंजाब से आए 21 गायक- गायिकाओं ने परफार्मेस दी। कार्यक्रम के मुख्य मेहमान हरियाणा सरकार के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आईएएस रोशन लाल, गेस्ट ऑफ ऑनर पारस मानी ग्रुप ऑफ कंपनीज के एमडी विकास पारस थे।
एआर म्यूजिक किएशंस के निदेशक डॉ. अरुण कांत ने अपनी कंपनी के कार्य के बारे में बताया। कंपनी की ओर से ट्राइसिटी और पंजाब के युवा आर्टिस्ट को संगीत की दुनिया में एक मंच दिया जाता है।
सूरज की गर्मी से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य मेहमानों ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद गायक रमेश, चंदकांत और राजबीर ने सूरज की गर्मी से... गीत से की। डॉ. अनिल शर्मा ने राग यमन कल्याण में ‘जिंदगी भर नहीं भूलेगी...’ गीत सुनाया। जसप्रीत जस्सल ने ‘तुम्हें और क्या दूं मैं दिल के सिवाए...’ गीत राग भैरवी में गाया।
सुनीता सहगल ने राग ‘भैरवी में दिल का खिलौना हाय टूट गया...’ गीत गाकर सुनाया। कैप्टन गुरमन ने ‘मेरे मन की गंगा और तेरे मन की जमुना...’ गीत और सुप्रिया ने ‘अखिया को रहने दे...’ गीत को गाकर श्रोताओं का मनोरंजन किया। परमजोत ने ‘साकिया आज मुझे नहीं आएगी...’ और अमरपाली और दीपांशु ने प्यार हुआ इकरार हुआ गीत गाकर सुनाया।
गायिका राजू प्रसाद एंड एसएस प्रसद ने राग चारूकेशी में किसी राह में किसी मोड़ पर गीत को गाया। शीमू एंड राजबीर ने तुम तो प्यार हो सजनी..., हिमांशी ने इश्क सूफियाना गीत, गायिका अलिशा ने तेरे मेरे होठों पे गीत को गाकर श्रोतों का मनोरंजन किया।
अंत में गायिका मीनू, राहुल, जसमीन, विजय, पुष्पा और टोनी ने अपने गीतों से महफिल को सुरों से सजाया। कार्यक्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के आलाधिकारी और परिवार भी उपस्थित थे।