हरियाणा सरकार नया शैक्षणिक सत्र जून से शुरू करेगी। कोरोना के कारण वर्तमान सत्र की वार्षिक परीक्षाएं अप्रैल व मई में कराने का निर्णय लिया गया है। निजी स्कूल सरकार के इस निर्णय के विरोध में उतर आए हैं। प्राइवेट स्कूल संघ ने सरकार से नया शैक्षणिक सत्र एक जून के बजाय पहली अप्रैल से ही शुरू करने की मांग की है। इसे लेकर संघ ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री व शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर अपनी मांग को प्रमुखता के साथ उठाया है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि सीबीएसई ने स्कूलों का नया सत्र पहली अप्रैल से शुरू करने का फैसला लिया है। जबकि, हरियाणा शिक्षा बोर्ड से संबंधित सभी स्कूलों का सत्र सरकार एक जून से शुरू करने जा रही है। पिछला शैक्षणिक सत्र स्कूलों, अध्यापकों व अभिभावकों के साथ बच्चों के लिए शून्य साबित हुआ है।
बच्चे घर पर रहकर शिक्षा व खेलों से बहुत दूर हो गए हैं। नया सत्र एक जून से शुरू करने से बच्चों को पढ़ने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। इससे बच्चे शिक्षा में बहुत पीछे चले जाएंगे और हरियाणा का ग्राफ शिक्षा में बद से बदतर हो जाएगा। आज हरियाणा शिक्षा के क्षेत्र में पूरे देश में 13वें स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि इस समय बच्चे अपना अधिक से अधिक समय मोबाइल पर लगा रहे हैं और इंटरनेट का ज्यादा उपयोग करने के कारण किताबों से बहुत दूर हो चुके हैं। उनमें काफी मानसिक विकार भी आ गए हैं। पिछले वर्ष मध्यवर्गीय निजी स्कूलों की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से डगमगाई है और अगर सत्र लेट शुरू हुआ तो आगामी सत्र में भी स्कूलों में कार्यरत स्टाफ का वेतन देना मुश्किल हो जाएगा।