पंजाब के सरकारी स्कूलों में जिन विद्यार्थियों ने नीट की परीक्षा पास की है, उनके साथ धोखा हो रहा है। अभिभावकों ने सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
दरअसल, छात्रों को मिले प्रोस्पेक्टस में लिखा गया था कि विद्यार्थियों ने 10वीं, 11वीं और 12वीं की परीक्षा पंजाब के सरकारी स्कूलों से ही पास की हो। ऐसे विद्यार्थियों को ही कॉलेजों में दाखिला मिलेगा। लेकिन पंजाब सरकार ने अब इस शर्त को हटाकर पिछले 2 साल, 11वीं और 12वीं की पढ़ाई ही लाजमी कर दी है।
इसके चलते बाहरी राज्यों के विद्यार्थी भी अपने राज्य में 10वीं पास करके पंजाब में 11वीं और 12वीं करने के बाद दोनों राज्यों में दाखिला लेने के योग्य हो जाते हैं। पंजाब सरकार की इस नीति के कारण पंजाब के बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। इसका खुलासा प्रेस वार्ता के दौरान नवदीप कुमार शर्मा और मौजूद बच्चों के माता-पिता ने किया।