हरियाणा के हिसार के कापड़ो गांव के विक्रम की मौत के मामले में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से भीम आर्मी और अन्य अनुसूचित जाति संगठन के नेतृत्व में ग्रामीणों का बुधवार को आक्रोश भड़क गया। लघु सचिवालय के अंदर जाने से रोकने पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कांच की बोतल पुलिस बल पर फेंक दी।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। इस पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसमें चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने 15 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। पुलिस घटनास्थल के वीडियो को आधार बनाकर मामले की जांच कर रही है, जिस समय टकराव हुआ उस समय बिजली मंत्री लघु सचिवालय में जनपरिवाद समिति की बैठक ले रहे थे।
गांव कापड़ो में सात सितंबर को विक्रम का शव सड़क किनारे मिला था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए विक्रम के खेत मालिक के खिलाफ केस दर्ज कराया था। परिजन आरोपी की गिरफ्तारी होने तक शव न लेने पर अड़े रहे। 14 दिन से विक्रम का शव अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में रखा है।
बुधवार को विक्रम के परिजन भीम आर्मी और अन्य अनुसूचित जाति संगठन के सदस्यों के साथ आईजी चौक होते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लघु सचिवालय के दोनों गेट बंद कर दिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि दस मिनट में डीसी ज्ञापन नहीं लेने आए तो हम अंदर आ जाएंगे। दस मिनट से पहले ही कुछ युवा गेट के ऊपर चढ़ने लगे।
पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की तरफ से एक कांच की बोतल पुलिसकर्मियों की तरफ फेंकी गई। बोतल फेंके जाने के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। इस दौरान सिपाही हिम्मत सिंह, अमीर सिंह, एसपीओ ओमप्रकाश, होमगार्ड बंसीलाल घायल हो गए, जिन्हें नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने 15 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
कुछ उपद्रवी आए थे। प्रदर्शन के दौरान कुछ युवक गेट पर चढ़ने लगे, पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया। उपद्रवियों को तितर- बितर करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। पत्थरबाजी में छह पुलिस कर्मचारी घायल हो गए हैं। मामले की जांच की जा रही है।
- कप्तान सिंह, डीएसपी, हिसार