नोटबंदी के खिलाफ प्रदर्शन गुटबाजी में बंटा
- फोटो : अमर उजाला
मोदी सरकार की नोटबंदी के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन को उतरी कांग्रेस गुटबाजी में बंटी नजर आई। अनेक जिलों में हुड्डा और तंवर गुट ने अलग-अलग प्रदर्शन किया, वहीं फतेहाबाद में ज्ञापन देने जाते समय हुड्डा समर्थक रतिया के पूर्व विधायक जरनैल सिंह की कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के बेटे अनिरूद्ध व उनके सगुरक्षाकर्मी के बीच झड़प हो गई। आरोप है कि अनिरुद्ध व उनके सुरक्षाकर्मी ने जरनैल सिंह को अपशब्द बोले और उनके साथ हाथापाई की।
लघु सचिवालय के बाहर स्थित पार्क में लगभग दो घंटे तक भाषण देने के बाद कांग्रेस के नेता ज्ञापन देने के लिए पहुंचे। सचिवालय के अंदरूनी गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गेट पर ही रुकने को कहा ताकि एडीसी यहीं आकर उनका ज्ञापन ले लें। इस बीच अनिरूद्ध तंवर और उनके सुरक्षाकर्मी का पास ही खड़े जरनैल सिंह को धक्का लग गया।
जरनैल सिंह ने आपत्ति जताई तो अनिरुद्ध तंवर ने उनको धक्का देकर पीछे धकेल दिया। इस पर जरनैल सिंह आगबबूला होते हुए आगे बढ़ने लगे तो सुरक्षाकर्मी ने उनको धक्के मारे। जरनैल के साथ हाथापाई होते देखकर उनके समर्थक भी सुरक्षाकर्मी से भिड़ गए और मामला लड़ाई-झगड़े तक आ पहुंचा।
पुलिसकर्मियों ने भी अंदर नहीं आने दिया
झड़प के चलते सभी प्रमुख नेता सचिवालय के अंदर जाकर खड़े हो गए लेकिन सुरक्षाकर्मी से उलझने के चलते रतिया के पूर्व विधायक जरनैल सिंह बाहर ही रह गए। गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें बाद में अंदर जाने भी नहीं दिया। बाद में पूर्व सीपीएस के बेटे आनंदवीर पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की कर उन्हे अंदर लेकर आए। पत्रकारों से बातचीत में पूर्व विधायक जरनैल सिंह ने सारे मामले को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि वे इसकी शिकायत कांग्रेस हाईकमान को करेंगे।
प्रदेश में सड़कों पर उतरे कांग्रेसी
नोटबंदी के खिलाफ प्रदर्शन गुटबाजी में बंटा
अनिरुद्ध इतना बड़ा नहीं कि झगड़ा करे : अवंतिका
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर की पत्नी ने अनिरुद्ध पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि अनिरुद्ध इतना बड़ा नहीं कि वो किसी से झगड़ा करे। पूर्व विधायक अगर शिकायत करना चाहते हैं तो उनकी मर्जी है।
सिरसा में भी दिखी गुटबाजी
सिरसा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पहले कांग्रेस भवन पहुंचने को कहा गया बाद में आदेश हुआ कि कार्यकर्ता सीधे लघुसचिवालय पहुंचे। होशियारी लाल शर्मा समर्थकों साथ पहुंचे और दरी बिछाकर नारे लगाने लगे। बारह बजे तक कार्यकर्ताओं की संख्या बीस तक नहीं हुई। हजकां से कांग्रेस में आए नेताओं की संख्या भी ज्यादा रही। दूसरी ओर तंवर गुट के लोग तंवर की कोठी पर एकत्रित हुए औैर नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। धरने पर बैठे लोगों ने उन्हें धरनास्थल पर आने को कहा पर वे नहीं आए।
प्रदेश में सड़कों पर उतरे कांग्रेसी
नोटबंदी के विरोध में रोहतक को छोड़कर अन्य जिलों में कांग्रेसी सड़कों पर उतरे। हुड्डा और तंवर समर्थकों ने नोटबंदी के विरोध में सरकार विरोधी जोरदार प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री का पुतला फूंककर प्रशासन के मार्फत राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच व एक हजार के नोट बंद करने की घोषणा करते हुए प्रदेश व देश की जनता को भ्रष्टाचार खत्म होने व अच्छे दिन आने का वायदा किया था। भ्रष्टाचार कम होने की बजाय खुद प्रधानमंत्री ही भ्रष्टाचार में फंस गए। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के सबूत पेश किए, लेकिन प्रधानमंत्री ने उनके आरोपों का जवाब तक नहीं दिया।