इस पर गुस्साए किसानों ने पंजाब सरकार और कांगड़ के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। वहां मौजूद पुलिस ने उन्हें शांत करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए किसानों के साथ धक्का-मुक्की की। इसी दौरान भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के अध्यक्ष बलदेव सिंह संदोहा की पगड़ी उतर गई और किसान भड़क गए।
कैंप में किसान अपनी बात रखने के लिए गए थे लेकिन मंत्री कांगड़ ने हमारी बात नहीं सुनी। डीएसपी फूल ने मेरी पगड़ी उतार दी। किसान पहले ही काफी मुश्किल से गुजर रहे हैं। सिर्फ एक घंटा ही बिजली सप्लाई दी जा रही है। मंडियों में फसल का सही मूल्य नहीं मिल रहा। पराली की संभाल करने में असमर्थ सरकार बातचीत करने के बजाय हमसे बदसलूकी कर रही है। जब तक सरकार पराली का हल नहीं निकालती, तब तक वह इसे जलाते रहेंगे। चाहे सरकार कितनी भी सख्ती क्यों न कर लें। -बलदेव सिंह संदोहा, किसान यूनियन के नेता